JPSC परीक्षा विवाद: तीन तरीकों से होती थी परीक्षा में सेटिंग, OMR शीट भरने दिल्ली-लखनऊ से बुलाई गई थी टीम
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी और सेटिंग को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कथित तौर पर तीन अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था। सबसे गंभीर आरोपों में से एक यह है कि अभ्यर्थियों की OMR शीट भरने के लिए दिल्ली और लखनऊ से विशेष लोगों की टीम बुलाए जाने की बात सामने आई है। JPSC की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के बीच सामने आई इन जानकारियों ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। जांच के दौरान कथित तौर पर परीक्षा में धांधली के लिए तीन अलग-अलग तरीकों की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि इसमें अभ्यर्थियों तक अनुचित तरीके से मदद पहुंचाने से लेकर परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिका या OMR से छेड़छाड़ जैसे तरीकों की आशंका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा प्रक्रिया के किस स्तर पर हस्तक्षेप किया जाता था। मामले में सबसे चर्चित खुलासा OMR शीट से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि कुछ अभ्यर्थियों की OMR शीट भरने के लिए दिल्ली और लखनऊ से लोगों को बुलाया गया था। यदि जांच में यह आरोप प्रमाणित होता है तो यह परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में OMR शीट उम्मीदवार की ओर से दिए गए उत्तरों का आधिकारिक रिकॉर्ड होती है। इसमें किसी भी तरह का अनधिकृत बदलाव परिणाम को सीधे प्रभावित कर सकता है। जांच का दायरा केवल कुछ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहने की बात कही जा रही है। कथित तौर पर पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों, बिचौलियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े संभावित संपर्कों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि अभ्यर्थियों और कथित मददगारों के बीच संपर्क कैसे हुआ, आर्थिक लेनदेन हुआ या नहीं और परीक्षा के दौरान अथवा उसके बाद किस स्तर पर कथित गड़बड़ी की गई। JPSC की परीक्षा में कथित सेटिंग की खबरों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हजारों अभ्यर्थी वर्षों तक मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो इसका सीधा असर अभ्यर्थियों के भरोसे पर पड़ता है। छात्रों की सबसे बड़ी मांग यही रहती है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले में सामने आ रहे आरोपों और जांच से जुड़ी जानकारियों के आधार पर पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, बरामद साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित परीक्षा सेटिंग का नेटवर्क किस तरह काम करता था और इसमें कितने लोग शामिल थे। यदि OMR शीट में बाहरी हस्तक्षेप और दिल्ली-लखनऊ से टीम बुलाए जाने के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह परीक्षा संचालन की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जाएगी।तीन तरीकों से परीक्षा में सेटिंग का आरोप
OMR शीट भरने के लिए बाहर से टीम बुलाने का दावा
जांच एजेंसियों के रडार पर कथित नेटवर्क
अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
क्या है मामला?














