करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड में पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी और सरायकेला की एसपी हटाए गए
पूर्वी सिंहभूम, बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के बाद झारखंड सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक (एसपी) निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों पति-पत्नी हैं।
राज्य सरकार ने कोल्हान क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर विशेष निगरानी के लिए एडीजी मनोज कौशिक, कोल्हान आयुक्त रवि रंजन विक्रम और कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा को जिम्मेदारी सौंपी है। तीनों वरिष्ठ अधिकारी बुधवार से जमशेदपुर में कैंप कर हालात की लगातार समीक्षा करेंगे।
इससे पहले कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह निरंजन कुमार को नया थाना प्रभारी बनाया गया है। जांच में पाया गया कि घटना के दौरान सीसीआर वैन और थाना पुलिस के बीच समन्वय का अभाव था तथा सूचना मिलने के बावजूद थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटनास्थल पर समय पर नहीं पहुंचे। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों को भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।
प्रशासन ने डबल डाउन बार का लाइसेंस भी रद्द कर परिसर को सील कर दिया है।
इधर, मंगलवार देर रात तत्कालीन एसएसपी पीयूष पांडेय आदित्यपुर स्थित हिमांशु सिंह के आवास पहुंचे और परिजनों से अंतिम संस्कार करने का अनुरोध किया, लेकिन परिजनों ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बुधवार शाम 5 बजे तक मुख्य आरोपी का एनकाउंटर नहीं हुआ तो पूरे शहर में चक्का जाम किया जाएगा।
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने हिमांशु सिंह के पिता अरविंद सिंह से फोन पर बात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं हमले में गंभीर रूप से घायल प्रत्युष का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।
मंगलवार दोपहर एडीजी मनोज कौशिक स्वयं जमशेदपुर पहुंचे और एसएसपी कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति का जायजा लिया तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने मामले में सोमवार देर रात गम्हरिया से अर्जुन लोहार को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की निगरानी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी पूरी कराई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा कि पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी एवं सरायकेला के एसपी को शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफलता तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाने के कारण तत्काल प्रभाव से हटाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि 27 जून की रात डबल डाउन बार में छेड़खानी को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। हिमांशु सिंह अपने साथियों के साथ बीच-बचाव करने पहुंचे थे। बाद में बाउंसरों ने मामला शांत करा दिया, लेकिन कुछ देर बाद जब हिमांशु और उनके साथी प्रत्युष पार्किंग से घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के 6-7 लोग वहां पहुंचे और हमला कर दिया। आरोप है कि पुलिस वैन में बैठाए जाने के बावजूद आरोपियों ने हिमांशु को बाहर खींचकर चाकू और चापड़ से ताबड़तोड़ हमला किया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु की 29 जून को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस इस मामले में सोनू मंडल और राज लोहार को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।














