उज्जैनः महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह आज
उज्जैन, मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का छटवां दीक्षांत समारोह आज मंगलवार को कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कार्यक्रम में शामिल होना प्रस्तावित है।
जनसम्पर्क अधिकारी अनिकेत शर्मा ने बताया कि दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंद्रसिंह परमार, राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेश नाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन (कालूहेड़ा), उपस्थित रहेंगे।
सारस्वत अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी शामिल होंगे। सम्मानित अतिथियों में महर्षि वेद व्यास प्रतिष्ठान, पुणे के संस्थापक स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज तथा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नईदिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय उपस्थित रहेंगे। समारोह के मार्गदर्शक के रूप में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु आचार्य शिवशंकर मिश्र उपस्तिथ रहेंगे।
63 विद्यार्थियों को पदक और दो विभूतियों को प्रदान की जाएगी मानद उपाधि
कुलगुरु आचार्य शिवशंकर मिश्र ने बताया कि कालिदास संस्कृत अकादमी के पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल सभागार में सुबह 11 बजे से आयोजित दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुल 63 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और विद्यावारिधि (पीएचडी) पदक प्रदान किए जाएंगा, साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत और आध्यात्मिक क्षेत्र की दो प्रतिष्ठित विभूतियों को विश्वविद्यालय की सर्वोच्च मानद डॉक्टर ऑफ लिटरेचर (डी.लिट्.) उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त संस्कृत विद्वान प्रो. (डॉ.) रमेश कुमार पाण्डेय को प्रदान किया जाएगा।
स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज समकालीन संत परंपरा के प्रमुख आचार्यों में से एक हैं। वे पुणे स्थित महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान के संस्थापक हैं। वेद, उपनिषद, श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण और भारतीय दर्शन के प्रखर व्याख्याता के रूप में वे देश-विदेश में विख्यात हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान, संस्कृत, गौसंवर्धन, सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में व्यापक आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का प्रसार किया है।
वहीं, प्रो. (डॉ.) रमेश कुमार पाण्डेय संस्कृत जगत के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वान, शिक्षाविद् और उच्च शिक्षा प्रशासक हैं। वे श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति रह चुके हैं। भारतीय दर्शन, न्याय, मीमांसा, संस्कृत साहित्य, पांडुलिपि विज्ञान और भारतीय ज्ञान प्रणाली के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। उनके नेतृत्व में संस्कृत शिक्षा एवं शोध को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।














