गैंगस्टर गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गिरोह का शूटर गिरफ्तार
नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़-विरेंद्र चरण गिरोह के एक शूटर को गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान दीपक कुमार उर्फ दिलावर (26) के रूप में हुई है। वह उन्नाव उप्र का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक लोडेड पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि, आरोपित को सैनिक विहार इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं, जिससे गैंग के नेटवर्क को समझने में मदद मिल रही है।
पुलिस के मुताबिक, रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़-विरेंद्र चरण गिरोह पिछले कुछ समय से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में व्यापारियों को धमकी देकर रंगदारी मांग रहा था। दिसंबर 2025 में गिरोह ने दिल्ली के एक ज्वेलर से 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। इस मामले में पहले ही पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कुख्यात गैंगस्टर पंकज राजपूत भी शामिल है।
जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने पंजाब के नकौदर स्थित बक्शी ट्रैवल कंपनी के मालिक से भी पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। दबाव बनाने के लिए 13 जनवरी 2026 को कंपनी के दफ्तर पर फायरिंग कराई गई थी। इस घटना में शामिल तीन शूटरों में से एक दीपक उर्फ दिलावर की पहचान हुई थी, जो घटना के बाद से फरार चल रहा था।
स्पेशल सेल ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की और दिल्ली में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसे पंकज राजपूत ने हथियार उपलब्ध कराया था और एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए उसकी मुलाकात गैंगस्टर विरेंद्र चरण से कराई गई थी। उसी के निर्देश पर उसने नकौदर में फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपित दिल्ली में अपना ठिकाना बना रहा था और आगे भी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में था। स्पेशल सेल अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।















