फर्जी शादी का कार्ड लगाकर पैरोल मांगने वाले यशपाल मैरी की जमानत याचिका खारिज
झांसी, चौहरे हत्याकांड समेत दर्जनों आपराधिक मामलों में आरोपित और गैंगस्टर यशपाल मैरी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने उसके आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि यशपाल मैरी पर जेल में रहते हुए मुकदमा वादी विपिन यादव के खिलाफ संगीन वारदात की साजिश रचने का आरोप है। आरोप है कि उसने अपने भतीजे अविनाश यादव और दो अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर साजिश रची थी।
इसी दौरान उसने अपनी पुत्री की शादी और सगाई का बहाना बनाकर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज और शादी का कार्ड तैयार कराया। इनके आधार पर उसने न्यायालय से 2 मई से 9 मई 2023 तक आठ दिन की पैरोल मांगी थी। न्यायालय ने मामले में पुलिस से जांच आख्या तलब की।
जांच के दौरान यशपाल की पुत्री की शादी या सगाई का कोई कार्यक्रम होना नहीं पाया गया। आवेदन में अंकित पता भी गलत निकला। इसके बाद विपिन यादव ने नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने यशपाल मैरी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
उस समय आरोपित हमीरपुर जेल में निरुद्ध था। सोमवार को उसकी ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे खारिज कर दिया।














