स्टॉक मार्केट में क्रेजी स्नैक्स की मजबूत शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक
नई
दिल्ली, बेकरी आइटम और कई तरह के स्नैक्स बनाने वाली
कंपनी क्रेजी स्नैक्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ
एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर
42 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी
लिस्टिंग 4.76 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 44 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग
के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर 46.20 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक
पहुंच गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही बिकवाली शुरू हो जाने के कारण इसका
अपर सर्किट ब्रेक हो गया। दोपहर 11:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी
के शेयर 44.55 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के
कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 2.55 रुपये यानी 6.07
प्रतिशत के फायदे में थे।
क्रेजी स्नैक्स का 31.47 करोड़ रुपये का
आईपीओ 25 से 30 जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को
निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.21 गुना
सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी)
के लिए रिजर्व पोर्शन 4.75 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन
इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.08 गुना
सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन
1.26 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले
25.20 करोड़ रुपये के 60 लाख नए शेयर 6.27 करोड़ रुपये के 15 लाख शेयर ऑफर
फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से
जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी खरीदने, पुराने कर्ज के बोझ को
कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट
उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो
कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग
प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत
लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 3.54 करोड़ रुपये का
शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5.32 करोड़
रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 6.33 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच
गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को
छह करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व
प्राप्ति में मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23
में इसे 89.17 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24
में बढ़ कर 129.08 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 111.63 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31
दिसंबर 2025 तक कंपनी को 87.56 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस
अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त
वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 48.01 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त
वर्ष 2023-24 में कम होकर 45.22 करोड़ रुपये और 2024-25 में बढ़ कर 63.26
करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 69.91 करोड़ रुपये के
स्तर पर पहुंच गया था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में
भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 24.59 करोड़ रुपये के
स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 29.41 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह
2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस घट कर 18.75 करोड़ रुपये के स्तर पर
आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये
24.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह कंपनी का नेटवर्थ
2022-23 में 26.43 रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 31.25 करोड़
रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 36.82 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025
तक ये 42.82 करोड़ रुपये के स्तर पर था।















