नई दिल्ली: कॉलेज और विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही युवाओं को इंडस्ट्री का वास्तविक अनुभव देने की दिशा में केंद्र सरकार ने Prime Minister Internship Scheme (PMIS) के पायलट चरण में बड़ा बदलाव किया है। अब स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्र भी इस योजना के तहत सशुल्क इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने 22 अप्रैल 2026 को PM Internship Scheme की पात्रता का विस्तार करने की घोषणा की। इसके तहत 18 से 25 वर्ष की आयु के पात्र अंतिम वर्ष के Graduate और Postgraduate विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।

पढ़ाई के साथ मिलेगा Industry Exposure

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिग्री पूरी करने से पहले ही कार्यस्थल के वातावरण से परिचित कराना है। इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को कंपनियों की कार्यप्रणाली, टीमवर्क, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, समस्या समाधान और व्यावहारिक कार्य प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिल सकता है।

सरकार के अनुसार, इससे शिक्षा और रोजगार के बीच मौजूद अंतर को कम करने तथा युवाओं की employability और job-readiness बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए क्या बदला?

पहले PMIS की पात्रता मुख्य रूप से ऐसे युवाओं पर केंद्रित थी जो निर्धारित आयु सीमा और अन्य शर्तों को पूरा करते थे तथा पूर्णकालिक शिक्षा या रोजगार में नहीं थे। 2026 में किए गए बदलाव के बाद अंतिम वर्ष के Graduate और Postgraduate विद्यार्थी भी पायलट चरण में शामिल किए गए हैं।

हालांकि, अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को योजना की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। साथ ही आवेदन के दौरान उन्हें अपने शैक्षणिक संस्थान से No Objection Certificate (NOC) जमा करना होगा। NOC में यह पुष्टि होनी चाहिए कि इंटर्नशिप में भाग लेने से छात्र की शैक्षणिक आवश्यकताओं पर असर नहीं पड़ेगा।

हर महीने कम से कम ₹9,000 की वित्तीय सहायता

PM Internship Scheme के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, चयनित इंटर्न को कम से कम ₹9,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलती है। योजना के पायलट चरण में 300 से अधिक कंपनियां भाग ले चुकी हैं और विभिन्न क्षेत्रों तथा भूमिकाओं में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

यह बदलाव खास तौर पर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ अपने रिज्यूमे में वास्तविक कार्य अनुभव जोड़ना चाहते हैं।

किन क्षेत्रों में मिल सकते हैं अवसर?

PM Internship Scheme के तहत अलग-अलग उद्योगों और कंपनियों में विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें कंपनी और उपलब्ध पद के अनुसार—

  • IT और Technology

  • Banking और Financial Services

  • Manufacturing

  • Automotive

  • Metals और Mining

  • FMCG

  • Logistics

  • Healthcare

  • Hospitality

  • Human Resources

  • Sales और Marketing

  • Finance

  • Office Administration

जैसे क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर 2026 में SAIL के Bhilai Steel Plant ने PMIS के चरण-3 के तहत 160 इंटर्नशिप अवसरों की घोषणा की थी। इनमें Medical, HR, IT, Logistics और Office Administration जैसे क्षेत्रों में काम करने का अवसर शामिल था। यह इंटर्नशिप नौ महीने की थी और लगभग ₹9,000 मासिक स्टाइपेंड का प्रावधान था।

सिर्फ Certificate नहीं, Practical Learning पर जोर

इंटर्नशिप का सबसे बड़ा फायदा केवल प्रमाणपत्र हासिल करना नहीं है। कॉलेज में पढ़ाए जाने वाले सिद्धांतों को वास्तविक कार्यस्थल पर लागू करने का अनुभव छात्रों को आगे नौकरी के लिए तैयार कर सकता है।

उदाहरण के लिए IT के छात्र किसी कंपनी में वास्तविक प्रोजेक्ट और टीम वर्क को समझ सकते हैं, जबकि Commerce या Management के विद्यार्थी Finance, Sales, HR या Operations से जुड़े काम सीख सकते हैं।

इसी तरह Engineering और Polytechnic पृष्ठभूमि के युवाओं को Manufacturing, Production, Quality Control और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को करीब से देखने का अवसर मिल सकता है।

300 से अधिक कंपनियां योजना में शामिल

सरकार के अनुसार PMIS के पायलट चरण में 300 से अधिक कंपनियां शामिल हो चुकी हैं। तीसरे दौर में कंपनियां लगातार नए इंटर्नशिप अवसर पोस्ट कर रही हैं। पात्र युवा आधिकारिक PMIS पोर्टल के माध्यम से अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार अवसर तलाश सकते हैं।

सरकार की ओर से 2026 में PMIS को युवाओं तक पहुंचाने के लिए MY Bharat के साथ भी काम किया जा रहा है। जुलाई 2026 तक MY Bharat प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 98,632 युवाओं को PMIS पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन के लिए भेजा गया था।

युवाओं को किन Skills पर करना चाहिए फोकस?

इंटर्नशिप का फायदा अधिकतम उठाने के लिए छात्रों को केवल अपनी डिग्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने क्षेत्र से जुड़ी practical skills पर भी ध्यान देना चाहिए।

Technology क्षेत्र में Coding, AI, Data Analytics, Cloud Computing और Cyber Security जैसी skills उपयोगी हो सकती हैं। वहीं Commerce और Management के छात्रों के लिए Excel, Financial Analysis, Digital Marketing, Communication और Business Analytics जैसी क्षमताएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

इसके साथ Communication, Teamwork, Problem Solving और Professional Behaviour जैसी Soft Skills भी Industry Exposure के दौरान विकसित की जा सकती हैं।

छोटे शहरों के युवाओं के लिए भी अवसर

PM Internship Scheme देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में युवाओं को कंपनियों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। सरकारी जानकारी के अनुसार योजना के अवसर 730 से अधिक जिलों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध कराए गए हैं।

इससे छोटे शहरों और कस्बों के छात्रों को भी बड़े उद्योगों की कार्यप्रणाली समझने और अपने करियर नेटवर्क को मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।

नौकरी की तैयारी में मिल सकता है फायदा

इंटर्नशिप नौकरी की गारंटी नहीं है, लेकिन वास्तविक कार्य अनुभव उम्मीदवार की नौकरी की तैयारी को मजबूत कर सकता है। इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवार अपने प्रोजेक्ट, जिम्मेदारियों और कार्यस्थल पर सीखे गए अनुभवों को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत कर सकते हैं।

इसके अलावा कंपनी के कार्य वातावरण को करीब से समझने से छात्रों को यह तय करने में भी मदद मिल सकती है कि वे भविष्य में किस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

आवेदन से पहले पात्रता जरूर जांचें

अंतिम वर्ष के Graduate और Postgraduate छात्रों को आवेदन करने से पहले PMIS की मौजूदा पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संस्थान का NOC आवश्यक है और अन्य eligibility conditions भी लागू हैं।

योजना के तहत उपलब्ध इंटर्नशिप, कंपनी, स्थान, भूमिका और अन्य शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक PMIS पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखना जरूरी है।

युवाओं के लिए पढ़ाई और करियर के बीच पुल

Prime Minister Internship Scheme में अंतिम वर्ष के छात्रों को शामिल किया जाना higher education और employment के बीच की दूरी कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। कॉलेज में पढ़ाई पूरी करने से पहले Industry Exposure मिलने से युवाओं को वास्तविक कार्यस्थल, professional culture और industry expectations को समझने का अवसर मिलता है।

ऐसे में इंटर्नशिप को केवल एक short-term opportunity के रूप में नहीं, बल्कि Skill Development, Networking और Career Preparation के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है। अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए यह बदलाव पढ़ाई पूरी होने से पहले अपने करियर की दिशा को व्यावहारिक रूप से समझने का एक अवसर उपलब्ध कराता है।