जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय से जुड़े कानूनी मामलों की पैरवी अब हाईकोर्ट के अधिवक्ता शुभाशीष रसिक सोरेन करेंगे। विश्वविद्यालय ने उन्हें पैनल लॉयर के रूप में नियुक्त किया है। इसके बाद विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न न्यायिक मामलों में वे अदालत के समक्ष विश्वविद्यालय का पक्ष रखेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पैनल लॉयर की नियुक्ति का उद्देश्य लंबित एवं नए न्यायिक मामलों में प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना बताया गया है। नियुक्ति के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की पैरवी और कानूनी प्रक्रिया में अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

हाईकोर्ट में विश्वविद्यालय का पक्ष रखेंगे

पैनल लॉयर के रूप में शुभाशीष रसिक सोरेन को विश्वविद्यालय से संबंधित मामलों में कानूनी पैरवी की जिम्मेदारी दी गई है। वे आवश्यकता के अनुसार हाईकोर्ट में विश्वविद्यालय की ओर से पक्ष रखेंगे और मामलों की सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय का कानूनी पक्ष प्रस्तुत करेंगे।

विश्वविद्यालय से जुड़े सेवा विवाद, नियुक्ति, प्रशासनिक निर्णय, शैक्षणिक मामलों तथा अन्य न्यायिक प्रकरणों में कानूनी सलाह और पैरवी की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में पैनल अधिवक्ता विश्वविद्यालय की ओर से न्यायालय में प्रतिनिधित्व करते हैं।

कानूनी मामलों के निपटारे में मिलेगी मदद

पैनल लॉयर की नियुक्ति से विश्वविद्यालय के लंबित कानूनी मामलों की निगरानी और अदालत में समय पर पैरवी सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से संबंधित मामलों की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज अधिवक्ता को उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि अदालत में विश्वविद्यालय का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।

विश्वविद्यालय के सामने समय-समय पर विभिन्न प्रशासनिक एवं शैक्षणिक मामलों को लेकर न्यायिक चुनौतियां आती रही हैं। ऐसे में स्थायी कानूनी प्रतिनिधित्व विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

नियुक्ति के बाद बढ़ेगी कानूनी समन्वय की भूमिका

शुभाशीष रसिक सोरेन के पैनल लॉयर नियुक्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और कानूनी पक्ष के बीच समन्वय की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होगी। अदालत में चल रहे मामलों की स्थिति, अगली सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में अदालत के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनकी नियुक्ति से कोल्हान विश्वविद्यालय के न्यायिक मामलों में कानूनी पैरवी के लिए एक निर्धारित व्यवस्था उपलब्ध हो गई है।