नीति आयोग के उपाध्यक्ष बनेंगे अशोक लाहिड़ी, सदस्य बनाए जाएंगे गोबर्धन दास
कोलकाता, पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के बीच पूर्व
आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष बनाए जाने की
तैयारी है। वह वर्तमान उपाध्यक्ष सुमन बेरी का स्थान लेंगे। वहीं, भारतीय
विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के निदेशक गोबर्धन दास को
केंद्र सरकार के प्रमुख नीति मंच का सदस्य नामित किया जाएगा।
अशोक
लाहिड़ी पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं,
लेकिन वह 2026 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। गोबर्धन दास इससे पहले
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रह चुके हैं। उन्होंने 2021
के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पूर्वस्थली उत्तर सीट से भारतीय जनता
पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
इन दोनों
नियुक्तियों का समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जारी हैं और दूसरे चरण का मतदान बुधवार को
होना है।
गोबर्धन दास दलित समुदाय से आते हैं। वर्ष 2021 के
चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के दौरान उन पर तृणमूल कांग्रेस
समर्थकों द्वारा हमले के आरोप लगे थे। इस कारण उनकी नियुक्ति को सामाजिक
और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के
अनुसार, ये नियुक्तियां नीति आयोग में लंबे समय से अपेक्षित पुनर्गठन का
हिस्सा हैं। सुमन बेरी पिछले चार वर्षों से आयोग का नेतृत्व कर रहे थे। इस
दौरान कई मौकों पर केंद्र सरकार द्वारा सीधे आयोग के सदस्यों या मुख्य
कार्यकारी अधिकारी के साथ काम किए जाने की चर्चा भी रही।
अशोक
लाहिड़ी अनुभवी अर्थशास्त्री माने जाते हैं। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ
इकोनॉमिक्स में अध्यापन किया है और विश्व बैंक तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा
कोष जैसी संस्थाओं में भी कार्य किया है। बाद में वह वित्त मंत्रालय से
जुड़े और राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान का नेतृत्व किया। वह मुख्य
आर्थिक सलाहकार रहने के साथ-साथ 15वें वित्त आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं।
लाहिड़ी
को चुनावी आंकड़ों के विश्लेषण के क्षेत्र में भी अग्रणी माना जाता है।
उन्होंने ‘इंडिया डिसाइड्स’ नामक पुस्तक का सह-लेखन किया था, जिसमें 1952
से 1989 तक के चुनावी रुझानों का अध्ययन किया गया है।















