कोलकाता,  पश्चिम बंगाल के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने चाय उद्योग के मालिकों एवं प्रतिनिधियों के साथ बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में चाय बागान श्रमिकों के कल्याण, उनकी सुविधाओं तथा राज्य के चाय उद्योग के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान बोनस से संबंधित मामलों, चाय उद्योग की नीतियों, वीबी-जी राम जी योजना, चाय बागान श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रमिक कल्याण संबंधी पहल तथा उद्योग के भविष्य के विकास की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

मंत्री ने कहा कि चाय उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था और बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इसलिए उद्योग के विकास के साथ-साथ चाय बागान श्रमिकों के कल्याण, सम्मान और बेहतर जीवन-स्तर को सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने चाय क्षेत्र के लिए सरकार एवं श्रम विभाग की ओर से किए जा रहे सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा। राज्य सरकार और श्रम विभाग की ओर से चाय उद्योग को आवश्यक सहयोग एवं सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चाय उद्योग के विकास और श्रमिकों के हितों के बीच संतुलन कायम करते हुए भविष्य की नीतियों एवं योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चाय बागान श्रमिकों का कल्याण, गरिमा और बेहतर भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।