नेपाल : भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के बाद करीब 5 हजार लोग संपर्कविहीन होने की आशंका
काठमांडू, नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण
बाढ़ के तीसरे दिन भी यह साफ नहीं हो पाया है कि आपदा से कुल कितने लोग
प्रभावित हुए हैं और कितने लोग लापता हैं। हालांकि, सरकार के शुरुआती
तकनीकी आकलन के मुताबिक, बाढ़ के बाद करीब 5,000 लोग संपर्कविहीन बताए जा
रहे हैं।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, बाढ़ से पहले रसुवा
के गोसाईंकुंड से लेकर नुवाकोट के देवीघाट क्षेत्र तक करीब 5,000 मोबाइल
उपयोगकर्ता सक्रिय थे, लेकिन बाढ़ के बाद इनसे संपर्क नहीं हो सका है।
नेपाल की दो प्रमुख दूरसंचार कंपनियों नेपाल टेलीकॉम और एनसेल से मिले
आंकड़ों के आधार पर यह प्रारंभिक आकलन किया गया है।
राष्ट्रीय आपदा
प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,924 लोगों के
संपर्कविहीन होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 933 लोग जलविद्युत
परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारी हैं।
बाढ़ और भूस्खलन के बाद
संपर्कविहीन विदेशी नागरिकों की संख्या भी करीब 517 बताई जा रही है।
हालांकि, इन आंकड़ों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। नेपाल
सरकार को शुक्रवार शाम तक लापता या संपर्कविहीन लोगों के संबंध में करीब
2,000 आवेदन प्राप्त हो चुके थे।
संपर्कविहीन लोगों में रसुवा और
नुवाकोट जिलों के स्थानीय निवासियों के अलावा गोसाईंकुंड घूमने गए पर्यटक
भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में संचार
व्यवस्था बाधित होने और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लापता लोगों का पूरा
विवरण जुटाने में मुश्किल आ रही है।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां
प्रभावित इलाकों में तलाश एवं बचाव अभियान चला रही हैं। प्रशासन की
प्राथमिकता संपर्कविहीन लोगों का पता लगाने, प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच
बहाल करने और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है।














