रांची (RANCHI): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को मंगलवार तक न खोलने पर दी गई हमले की चेतावनी से ईरान घबरा गया है. ट्रंप ने कहा है कि ईरान को एक ही रात (मंगलवार रात) में पूरी तरह खत्म किया जा सकता है. ईरान के युवा और खेल मामलों के उपमंत्री अलीरेजा रहीमी ने ट्रंप की धमकी के मद्देनजर देश के युवाओं से बिजली संयंत्रों के चारों ओर मानव शृंखला बनाने का आह्वान किया है.

अलीरेजा रहीमी ने ट्रंप की धमकी के बाद लोगों से की अपील


सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अलीरेजा रहीमी ने ट्रंप की धमकी के बाद यह अपील की है. ट्रंप कह चुके हैं कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा नहीं खोलता है तो अमेरिका ईरान के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर बमबारी करेगा. रहीमी ने एक्स पर लिखा, "मैं सभी युवाओं, सांस्कृतिक और कला जगत की हस्तियों, खिलाड़ियों और चैंपियनों को राष्ट्रीय अभियान 'ईरानी युवाओं की मानव शृंखला- एक उज्ज्वल भविष्य के लिए' में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं." उन्होंने लिखा "मंगलवार दोपहर दो बजे देशभर के बिजली संयंत्रों के पास हम सभी अपनी-अपनी मान्यताओं और विचारों के साथ एक-दूसरे का हाथ थामकर खड़े होंगे और यह संदेश देंगे कि सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना एक 'युद्ध अपराध' है." बता दें कि सप्ताहांत ट्रंप ने कहा था कि ईरान के पास किसी समझौते पर पहुंचने के लिए मंगलवार रात आठ बजे (पूर्वी समय) तक का समय है.

ट्रंप ने ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दोहराई

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसा शायद मंगलवार को हो सकता है. उन्होंने कहा यह एक नाजुक दौर है. और यह सब ईरान के कदमों पर निर्भर करता है. ट्रंप ने ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमला करने की धमकी दोहराते हुए दावा किया कि अगर इससे ईरानी लोगों की आजादी सुनिश्चित होती है तो वह तकलीफ उठाने को भी तैयार होंगे. उधर, तेहरान ने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों के नतीजे इस क्षेत्र से भी आगे तक जाएंगे.

ट्रंप ने 45 दिनों के संघर्ष-विराम के कई देशों के प्रस्ताव को कदम को बताया अहम 

इससे पहले सोमवार को ट्रंप ने 45 दिनों के संघर्ष-विराम के कई देशों के प्रस्ताव को अहम कदम तो बताया, पर कहा कि यह नाकाफी है. ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने की मांग की. ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने एक बयान में कहा है कि कमांडरों के मारे जाने पर भी ईरान की सेनाएं पीछे नहीं हटेंगी.