ट्रम्प का बड़ा दावा—ईरान में ‘सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन’, एक रात में तबाही की चेतावनी
वॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को
लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने दुश्मन के इलाके में फंसे
अपने एक पायलट को बचाने के लिए “अब तक का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन”
चलाया।
व्हाइट हाउस में मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने बताया
कि इस अभियान में करीब 200 सैनिकों को तैनात किया गया और 21 सैन्य विमान
दुश्मन के एयरस्पेस में भेजे गए। उनके मुताबिक, पायलट ईरान के क्षेत्र में
गिरा था और बेहद खतरनाक हालात में उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
ट्रम्प
ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमानों पर बेहद करीब से फायरिंग की
गई, लेकिन इसके बावजूद सेना ने साहस दिखाते हुए मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम
दिया। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों के “शौर्य और साहस” की सराहना की।
हालांकि,
अपने बयान में ट्रम्प ने सख्त रुख भी अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि
अमेरिका “सिर्फ एक रात में पूरे ईरान को बर्बाद कर सकता है” और ऐसी
कार्रवाई कभी भी संभव है। इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़
सकती है।
ट्रम्प ने यह भी खुलासा किया कि ऑपरेशन के दौरान एक
अमेरिकी विमान को खुद ही नष्ट (सेल्फ-डिस्ट्रक्ट) करना पड़ा, ताकि वह
दुश्मन के हाथ न लगे। उन्होंने दावा किया कि मिशन से जुड़ी संवेदनशील
जानकारी लीक हो गई थी, जिसकी जांच अब तेज कर दी गई है।
इस दौरान
उन्होंने सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) की भूमिका की भी सराहना करते
हुए कहा कि एजेंसी ने पूरे अभियान में अहम योगदान दिया।
उधर, ईरान
की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा
खामेनेई ने कहा कि नेताओं की हत्या या हमलों से ईरान रुकने वाला नहीं है।
वहीं,
सीजफायर के मामले पर ईरान ने साफ कहा है कि वह अस्थायी युद्धविराम नहीं,
बल्कि युद्ध का पूरी तरह और हमेशा के लिए खात्मा चाहता है।
पश्चिम
एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के बयानों ने हालात को और
संवेदनशील बना दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।














