ईरान ने अमेरिका पर युद्ध अपराध का लगाया आरोप, नागरिक ढांचे को निशाना बनाने का दावा
तेहरान, ईरान ने अमेरिका पर अपने हालिया हवाई हमलों में नागरिक
ढांचे को निशाना बनाकर युद्ध अपराध करने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश
मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि अमेरिकी हमले संयुक्त राष्ट्र
चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का खुला उल्लंघन हैं।
विदेश
मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर हमले
कर कई युद्ध अपराध किए हैं। बयान के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के खिलाफ है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ईरान
ने साथ ही खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों पर अपने हमलों को आत्मरक्षा का
अधिकार बताते हुए उनका बचाव किया। मंत्रालय ने कहा कि ये कार्रवाई संयुक्त
राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 के तहत ईरान के वैध आत्मरक्षा अधिकार के
अनुरूप की गई।
हालांकि, बयान में हाल के उन आरोपों का उल्लेख नहीं
किया गया जिनमें ईरान पर वाणिज्यिक जहाजों, आवासीय इमारतों, होटलों, नागरिक
हवाई अड्डों तथा ऊर्जा और जल सुविधाओं पर हमले करने के आरोप लगाए गए हैं।
इनमें 3 जून को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले और पिछले महीने
बहरीन में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचाने वाली घटना भी शामिल है।
दूसरी
ओर, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने दावा किया है कि अमेरिकी
सेना ने रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित क़ेश्म द्वीप
के आसपास नए हवाई हमले किए हैं।
वहीं तस्नीम समाचार एजेंसी ने कहा
है कि "अमेरिकी दुश्मन" द्वारा दागे गए प्रोजेक्टाइल कई स्थानों पर गिरे
हैं। हालांकि अब तक किसी प्रकार के नुकसान या हताहतों की आधिकारिक पुष्टि
नहीं की गई है।















