बांग्लादेश में जेल में कैद अवामी लीग की नेता दीपू मोनी के पति का निधन, अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल की अर्जी दी
ढाका, बांग्लादेश अवामी लीग की नेता और पूर्वमंत्री डॉ. दीपू
मोनी के पति तौफीक नवाज का मंगलवार रात ढाका के एक अस्पताल में निधन हो
गया। दीपू मोनी के बड़े भाई जेआर वदूद टीपू ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने
कहा कि नमाज-ए-जनाजा और दफनाने की जगह और समय के बारे में बुधवार दोपहर के
बाद फैसला किया जाएगा। दीपू मोनी इस समय जेल में बंद हैं। उन्होंने पैरोल
के लिए अर्जी दी है।
ढाका ट्रिब्यून और बीडीन्यूज 24 की रिपोर्ट के
अनुसार, जेल में बंद अवामी लीग की नेत्री दीपू मोनी के बड़े भाई जेआर वदूद
टीपू ने बताया कि उनके बहनोई तौफीक नवाज का रात 10:27 बजे कॉन्टिनेंटल
हॉस्पिटल (यूनाइटेड हॉस्पिटल ) में निधन हुआ है। उनका अस्पताल में लंबे समय
से इलाज चल रहा था। नवाज की नमाज-ए-जनाजा और दफनाने की जगह और समय के
बारे में बुधवार दोपहर के बाद फैसला किया जाएगा। नवाज को 2019 में स्ट्रोक
आया था।
बांग्लादेश उच्चतम न्यायालय के पूर्व वकील और शास्त्रीय
संगीत के विशेषज्ञ नवाज को इसी वर्ष 27 मई को रिश्तेदार व्हीलचेयर पर अदालत
ले गए थे ताकि वह तारीख पर आईं अपनी पत्नी से मिल सकें। पूर्व मंत्री डॉ.
दीपू मोनी को 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद 19 अगस्त
2024 को ढाका के बारीधारा इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
वह इस समय
मुंशीगंज जिला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। बीच में तबीयत बिगड़ने के
कारण उन्हें इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था। वहां
से ठीक होने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया था।उनके खिलाफ हत्या,
मानवता के खिलाफ अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा भड़काने जैसे करीब 60 से अधिक
आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से अदालत ने उन्हें आधिकारिक तौर पर 38
मामलों में गिरफ्तार दिखाया है।
जून 2026 में उन्हें उच्च न्यायालय
से कुछ मामलों में अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन उच्चतम न्यायालय के अपीलीय
डिवीजन ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत पर रोक लगा दी
थी। इस वजह से वह जेल से बाहर नहीं आ सकीं। पति तौफीक नवाज के निधन के बाद
उनके वकीलों ने उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंशीगंज जिला
प्रशासन से पैरोल पर रिहाई की अर्जी लगाई है।














