ईरान के इस्फहान शहर पर हमला, दुबई में विशाल टैंकर आग की लपटों से घिरा
रांची (RANCHI): अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ऐतिहासिक शहर इस्फहान पर जबरदस्त हमला किया है. इस शहर की आबादी लगभग 23 लाख है. यहां बदर मिलिट्री एयरबेस भी मौजूद है. जोरदार धमाकों और आग की लपटों से मंगलवार सुबह तक आसमान में दहशत रोशन रही. इस बीच कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया है कि दुबई बंदरगाह पर विशाल तेल टैंकर 'अल-सलमी' पर ईरान के हमले के कारण आग लग गई है. कॉर्पोरेशन ने चेतावनी दी है कि इससे तेल फैल सकता है. उधर, हिजबुल्लाह ने इजराइली सेना पर हमलों का दावा किया है.
ईरान का प्रमुख औद्योगिक केंद्र हैं इस्फहान
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने इस्फहान में हमले के कई वीडियो तैयार किए हैं. इस्फहान ईरान का तीसरा सबसे बड़ा और सांस्कृतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक है. यह ईरान का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है. यहां कपड़ा और इस्पात की मिलें हैं. यहां ईरान का महत्वपूर्ण परमाणु केंद्र (नतंज) और सैन्य मिसाइल बनाने के कारखाने भी हैं. इसके कारण यह अकसर चर्चा में रहता है.
सैन्य चौकी को निशाना बनाते हुए की गई ड्रोन की बौछार
इस बीच हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी इजराइल की मिसगाव अम बस्ती में एक सैन्य चौकी को निशाना बनाते हुए ड्रोन की बौछार कर दी. यही नहीं दक्षिणी लेबनान के अल-क़ंतारा और तैबेह कस्बों के बीच सड़क पर मौजूद एक इजराइली मर्कवा टैंक पर गाइडेड मिसाइल से हमला किया. हमले में टैंक जल गया.
दो ठिकानों पर हवाई हमले किए गए
इराक की पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज का कहना है कि अमेरिकी-इजरायली सेनाओं ने बाबुल और अनबार प्रांतों में उनके दो ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. बाबुल प्रांत के जुर्फ अल-नस्र सेक्टर में 45वीं ब्रिगेड पर लगातार तीन हवाई हमले किए गए. एक और हमला अनबार प्रांत के पूर्व में अल-कर्मा सेक्टर में हुआ. इस हमले में 31वीं ब्रिगेड के ठिकाने को निशाना बनाया गया. उधर, कुर्द अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र में स्थित सुलेमानिया शहर को निशाना बनाकर किए गए दो हमलों को विफल कर दिया गया है.














