अचला सप्तमी पर केदारघाट श्री विद्यामठ में जगद्गुरुकुलम् का स्थापना दिवस मना

वाराणसी, उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) के केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ में अचला सप्तमी रविवार को जगद्गुरुकुलम का स्थापना दिवस उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया गया। स्थापना दिवस पर शंकराचार्य की पूर्णाभिषिक्त शिष्या व गौ सांसद साध्वी पूर्णाम्बा ने कड़े शब्दों में सनातन विरोधी प्रवृत्तियों पर प्रहार किया। 


उन्होंने प्रयागराज माघ मेला प्रशासन द्वारा ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती को गंगा स्नान से रोके जाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि शंकराचार्यों का पालकी से गमन एक प्राचीन और शास्त्रोक्त परंपरा है। प्रशासन द्वारा इस पर प्रश्न उठाना उनकी अज्ञानता को दर्शाता है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यारण्य मुनि के चित्रों से लेकर नेशनलिस्ट आर्काइव गजेटियर और पेशवाओं के तैल चित्रों तक में शंकराचार्यों की पालकी यात्रा के स्पष्ट प्रमाण मौजूद हैं। परंपराओं को रोकना साक्षात् सनातन संस्कृति पर प्रहार है। 

गौ माता की रक्षा के मुद्दे पर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि भारत जैसे देवभूमि में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करना अनुचित नहीं है, बल्कि आश्चर्य की बात तो यह है कि एक शंकराचार्य को इसके लिए संघर्ष और मांग करनी पड़ रही है। यह स्थिति शासन और समाज दोनों के लिए विचारणीय है। 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब गुरुकुल पद्धति से निकले छात्र देश का प्रतिनिधित्व करेंगे तभी सनातन धर्म और शंकराचार्य के पद की वास्तविक मर्यादा सुरक्षित रहेगी।