प्रयागराज में संगम पर हर-हर गंगे का उद्घोष, रात से चल रहा है मौनी अमावस्या का स्नान
प्रयागराज गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदी के
संगम पर मौनी अमावस्या का स्नान शुरू है। संगम तट पर कल्पवास कर रहे लोग
तो रात के 12 बजते ही पवित्र स्नान के लिए पहुंच गए। कल्पवास, माघ महीने
(पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक) में संगम तट पर एक माह तक चलने वाली
कठिन साधना है। श्रद्धालु सांसारिक मोह छोड़कर संगम तट पर रहकर तप, जप,
भजन और सत्संग करते हैं। इस दौरान भूमि शयन, एक समय भोजन और कठोर अनुशासन
का पालन किया जाता है। संगम में चहुंओर स्नानानार्थी हर-हर गंगे का उद्घोष
कर रहे हैं।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि
मौनी अमावस्या का स्नान रात 12 बजे से शुरू है। बड़ी संख्या में लोग स्नान
कर चुके हैं। कल डेढ़ करोड़ लोगों ने स्नान किया है। पुलिस आयुक्त
जोगेंद्र कुमार ने कहा कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर सुरक्षा के सभी
इंतजाम किए गए हैं।
आज साढ़े लगभग तीन करोड़ श्रद्धालुओं के संगम
में स्नान करने का अनुमान है। सुरक्षा के मद्देनजर मेला पुलिस समूचे संगम
क्षेत्र में जल, थल और नभ से निगरानी करेगी।
पुलिस अधीक्षक (माघ
मेला) नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि सभी मार्गाें से स्नान घाट तक
आने-जाने वाले रास्तों पर प्रवेश और निकासी द्वार को साइनेज से प्रदर्शित
किया गया है। मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की स्थिति में भंडारे और प्रसाद
वितरण को अस्थायी रूप से बंद कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए
गए हैं।















