सहरसा,  ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान व फाउंडेशन डॉ रहमान चौक सहरसा के संस्थापक एवं प्रसिद्ध व चर्चित ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बतलाया कि माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का धार्मिक दृष्टि से काफी महत्व है, इसे नरक निवारण चतुर्दशी भी कहते हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया है कि इस साल मिथिला में विश्वविद्यालय पंचांग क़े हिसाब से 17 जनवरी शनिवार को यह तिथि पड़ रही है।मिथिला क्षेत्र में नरक निवारण चतुर्दशी का व्रत हर उम्र वर्ग के लोग करना पसंद करते हैं।प्रायः मिथिला क्षेत्र में इस व्रत को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाता है।

विश्वविद्यालय पंचांग क़े मुताबिक शनिवार की संध्या शिवालय में 06.52 क़े बाद शिव भजन,कीर्तन,श्रृंगार एवं संध्या आरती भी होगी,तदोपारंत साधक अपने सुविधानुसार व्रत का पारण कर सकते हैं।

पुराणों के अनुसार इस तिथि पर शंकर भगवान की पूजा एवं व्रत करने से आयु में वृद्धि होती है।पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन जगतजननी माता पार्वती और देवाधिदेव महादेव का विवाह तय हुआ था।इस तिथि के ठीक एक महीने के बाद फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ समपन्न हुआ था।अगर उपवास करें तो व्रत को बेर खाकर तोड़ना चाहिए। साथ ही इस दिन रुद्राभिषेक करने से भी बहुत लाभ मिलता है। ओम नमः शिवाय का जप लाभदायक होगा।