बिहार के घायल छात्रों से मिले राहुल गांधी, साथ खड़े रहने का किया वादा
नई
दिल्ली, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने
बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए युवाओं से
मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने सिर्फ शिक्षा, रोजगार और
जवाबदेही मांगी थी, लेकिन उनके साथ गोलीबारी कर दी गई।
राहुल गांधी
ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया। इस
वीडियो में वह यहां अपने आवास पर बिहार के तीन घायल छात्रों से बातचीत करते
दिख रहे हैं। इन छात्रों के नाम मोहम्मद आरिफ, बुलेट कुमार गौड़ और आकाश
कुमार हैं। इनमें से बुलेट कुमार गौड़ के पैर में गोली लगी है और वह बैसाखी
के सहारे चल रहा है। दो अन्य छात्रों के कंधे में गोली लगी है।
राहुल
गांधी ने पोस्ट में लिखा, “सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि
इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ तीन चीजें शिक्षा, रोजगार
और जवाबदेही मांगी थी।एक छात्र के पैर की हड्डी एके-47 की गोली से टूट गई।
सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो
और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई। ये अपराधी नहीं थे। ये
गरीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे -
किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।”
वीडियो
में राहुल गांधी छात्रों से बातचीत करते दिखते हैं। वह छात्रों की हालत
पूछते हैं और उनकी चोटों को देखते हैं। एक छात्र बताता है कि वह सेना में
भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था, लेकिन गोली लगने से उसका सपना टूट
गया। दूसरे छात्र ने कहा कि वे सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली और पेपर
लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। तीसरे छात्र ने बताया कि कंधे
में गोली लगने के बाद हाथ ठीक से काम नहीं कर रहा है।
इस पर
उन्होंने एक छात्र को दिल्ली में उसके पैर की चोट का बेहतर इलाज दिलाने का
वादा किया। उन्होंने छात्रों को मदद का आश्वासन दिया और कहा कि वे उनके
साथ खड़े हैं।















