रांची के RIMS में डॉक्टरों ने काम किया स्थगित, परिजनों पर मारपीट का आरोप; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रांची: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) में मरीज के परिजनों द्वारा चिकित्सकों के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में डॉक्टरों ने काम स्थगित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल बन गया और चिकित्सकों ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई।

बताया जा रहा है कि इलाज को लेकर हुए विवाद के बाद मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के बीच कहासुनी हुई। मामला बढ़ने पर चिकित्सकों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना से नाराज डॉक्टरों ने विरोध जताते हुए काम स्थगित करने का फैसला लिया। चिकित्सकों के काम से अलग रहने के कारण अस्पताल में इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की स्थिति बन गई।

डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी

घटना के बाद RIMS के चिकित्सकों में नाराजगी देखी गई। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों का इलाज करना उनकी जिम्मेदारी है, लेकिन यदि ड्यूटी के दौरान ही चिकित्सकों के साथ मारपीट की घटनाएं होंगी तो काम करना मुश्किल होगा।

चिकित्सकों ने अस्पताल प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी भय के मरीजों का इलाज कर सकें।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

RIMS जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन रोजाना पहुंचते हैं। गंभीर मरीजों की स्थिति, इलाज में देरी, बेड की उपलब्धता और अन्य कारणों से कई बार परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद अस्पताल की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। चिकित्सकों का आरोप है कि यदि अस्पताल परिसर में सुरक्षा पर्याप्त रहे और विवाद की स्थिति में समय रहते हस्तक्षेप किया जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

मरीजों के इलाज पर असर की आशंका

डॉक्टरों के काम स्थगित करने से अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ सकती है। RIMS में झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।

ऐसे में चिकित्सकों के विरोध के कारण ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य चिकित्सा सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर मरीजों में चिंता है। हालांकि गंभीर और आपातकालीन मरीजों के इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से आवश्यक व्यवस्था किए जाने की उम्मीद है।

कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

घटना के बाद चिकित्सकों ने दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अस्पताल परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।

अब सभी की नजर RIMS प्रबंधन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। यदि डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है, तो इसका असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।