मलेशिया ने भारत में पर्यटन प्रचार अभियान किया तेज, 12 से 20 अगस्त तक किया सेल्स मिशन सीरीज का आयोजन
नई
दिल्ली, टूरिज्म मलेशिया ने भारत को अपने प्रमुख
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजारों में बनाए रखने के उद्देश्य से 12 से 20 अगस्त
2026 तक चेन्नई, मुंबई और नई दिल्ली में सेल्स मिशन सीरीज-2 का आयोजन
किया। इस पहल के माध्यम से भारतीय यात्रा उद्योग के साथ साझेदारी मजबूत
करने और मलेशिया को भारतीय यात्रियों के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल
रखने पर जोर दिया गया।
इस सेल्स मिशन में मलेशिया के पर्यटन क्षेत्र
से जुड़े 47 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें टूर ऑपरेटर, होटल
व्यवसायी और विमानन क्षेत्र के साझेदार शामिल थे। कार्यक्रम का आयोजन बाटिक
एयर के सहयोग से किया गया और इसका नेतृत्व टूरिज्म मलेशिया के महानिदेशक
मोहम्मद अमीरुल रिजाल अब्दुल रहीम ने किया।
मोहम्मद अमीरुल रिजाल ने
विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भारत मलेशिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण और तेजी
से बढ़ते पर्यटन बाजारों में से एक है।
उन्होंने कहा कि बदलते
वैश्विक यात्रा माहौल के बावजूद टूरिज्म मलेशिया भारतीय बाजार में अपनी
मजबूत मौजूदगी बनाए रखने के लिए लक्षित और बाजार-केंद्रित प्रचार
गतिविधियां जारी रखेगा।
टूरिज्म मलेशिया भारतीय यात्रियों को
कुआलालंपुर और जेंटिंग हाईलैंड्स से आगे बढ़कर सरवाक, लैंगकावी, पेनांग,
जोहोर और साबाह जैसे गंतव्यों की यात्रा के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
इन स्थानों पर प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच, समुद्र तट और द्वीप पर्यटन,
सांस्कृतिक विरासत, खान-पान, खरीदारी, पारिवारिक मनोरंजन, एमआईसीई और
डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे कई अनुभव उपलब्ध हैं।
भारत और मलेशिया के
बीच मजबूत हवाई संपर्क भी पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। दोनों देशों के बीच
हर सप्ताह 190 से अधिक सीधी उड़ानें संचालित होती हैं, जिनमें 37,000 से
अधिक सीटें उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि दिसंबर 2023 में भारतीय
नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा शुरू होने के बाद मलेशिया में भारतीय
पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वर्ष 2025 में
मलेशिया ने भारत से 15 लाख से अधिक पर्यटकों के आगमन दर्ज किए। इसके साथ ही
भारत मलेशिया के शीर्ष पांच अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजारों में शामिल हो
गया। इस सूची में सिंगापुर, थाईलैंड, इंडोनेशिया और चीन भी शामिल हैं।
‘विजिट
मलेशिया 2026’ अभियान को वर्ष 2027 तक बढ़ाए जाने के बाद टूरिज्म मलेशिया
भारत में अपने प्रचार अभियानों को और तेज करेगा। इसका उद्देश्य मौजूदा
पर्यटन गति को बनाए रखना, मलेशिया की पहचान को मजबूत करना और आने वाले
वर्षों के लिए भारतीय पर्यटकों की मजबूत मांग तैयार करना है।













