भारतीय एलएनजी जहाज दिशा ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार किया
नई दिल्ली, भारतीय एलएनजी कैरियर 'दिशा' ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है। यह तीन महीने से ज्यादा समय में युद्ध प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकलने वाला भारतीय झंडे वाला पहला एलएनजी ढोने वाला जहाज है।
पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने सोमवार को अंतर-मंत्रालयी पत्रकार वार्ता में कहा, “एलएनजी जहाज दिशा सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह 62,370 टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) लेकर आ रहा है। इसके 18 जून के आसपास भारत के दहेज बंदरगाह पहुंचने की संभावना है।”
ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय ध्वज वाला एलएनजी से भरा जहाज दिशा पिछले तीन महीने से अधिक समय बाद युद्ध प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने वाला पहला जहाज बन गया है। भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड (एससीआई) के नेतृत्व वाले समूह द्वारा प्रबंधित यह जहाज 62,370 टन एलएनजी लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आगे बढ़ चुका है।
शर्मा ने बताया कि नौवहन महानिदेशालय भारतीय नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों, पोत परिवहन कंपनियों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय में है। वहीं, देशभर में बंदरगाह परिचालन सामान्य हैं और कहीं से भी जाम की स्थिति की सूचना नहीं है।
पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मुताबिक स्थापित नियंत्रण कक्ष ने पिछले 96 घंटों में 12,737 कॉल और 28,299 से अधिक ईमेल का निपटान किया है। इस दौरान नाविकों, उनके परिवारों और अन्य समुद्री हितधारकों से 406 कॉल और 784 ईमेल प्राप्त हुए। मंत्रालय ने बताया कि महानिदेशालय ने अब तक 3,587 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 96 घंटे में 50 नाविक शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में विगत 28 फरवरी से जारी संकट को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच आज शांति समझौते पर सहमति बनी है। इस समझौते पर स्विटजरलैंड में 19 जून को हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।















