शराब पार्टी में विवाद के बाद पूर्व नक्सली की हत्या का खुलासा, एक आरोपित गिरफ्तार, दो फरार
पलामू, पलामू जिले के पांडु थाना क्षेत्र के बेलहारा जंगल में 08 मई को हुई पूर्व नक्सली जगनारायण यादव उर्फ विशाल यादव की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक आरोपित को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। पुलिस ने हत्या का कारण शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद और पुरानी रंजिश बताया है।
यह कार्रवाई विश्रामपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) चिरंजीव मंडल और पांडु थाना प्रभारी बिगेश कुमार राय के नेतृत्व में की गई। एसडीपीओ ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर मामले की विस्तृत जानकारी दी।
एसडीपीओ ने बताया कि छतरपुर थाना क्षेत्र के कव्वल के जंगवल निवासी पूर्व माओवादी नक्सली विशाल यादव की हत्या के मामले में 09 मई को पांडु थाना में सहायक अवर निरीक्षक प्रेम रंजन कुमार सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ी। जांच के दौरान पुलिस ने पांडु के बेलहरा निवासी उमेश सिंह (38) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उमेश सिंह ने हत्या की पूरी घटना का खुलासा किया।
गिरफ्तार आरोपित के अनुसार, घटना के दिन वह विकास सिंह (बेलहरा), अभिषेक कुमार सिंह (पाटन नौडीहा) और विशाल यादव एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान विशाल यादव द्वारा कथित रूप से कोल्ड ड्रिंक में थूक दिए जाने से विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते बढ़कर मारपीट में बदल गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों के बीच पुरानी रंजिश भी इस घटना का एक प्रमुख कारण थी। बताया गया कि माओवादी गतिविधियों के दौरान विशाल यादव द्वारा विकास सिंह के परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट की गई थी, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपितों ने मिलकर विशाल यादव पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने उसकी बेरहमी से पिटाई की और बाद में पास पड़े भारी पत्थर से उसका सिर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद सभी आरोपित मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने बताया कि दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। मामले की जांच तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।














