अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को सबसे अधिक प्राथमिकता, ग्रामीण विकास के लिए ₹4,258.67 करोड़ का प्रावधान
रांची, 7 अगस्त। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट में राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। सरकार का कहना है कि अतिरिक्त बजटीय प्रावधानों के माध्यम से विकास परियोजनाओं को गति देने और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का लक्ष्य रखा गया है। अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा आवंटन ग्रामीण विकास विभाग को किया गया है। विभाग के लिए ₹4,258.67 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पंचायत स्तरीय विकास कार्य, पेयजल योजनाएं, सिंचाई परियोजनाएं, रोजगार सृजन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार ने सड़क, पुल-पुलिया, भवन निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं तथा शहरी एवं ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के लिए भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। इससे अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के साथ-साथ नई विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि बेहतर आधारभूत संरचना से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। अनुपूरक बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, उच्च शिक्षा संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, प्रयोगशालाओं के विकास तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने, आधुनिक उपकरणों की खरीद, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सा सेवाओं के विस्तार में किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के बिना राज्य का संतुलित विकास संभव नहीं है। यही कारण है कि ग्रामीण विकास विभाग को ₹4,258.67 करोड़ की सर्वाधिक राशि आवंटित की गई है। इस राशि से ग्रामीण सड़कें, जल संरक्षण, पंचायत विकास योजनाएं, रोजगार सृजन, आवास एवं अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि अनुपूरक बजट से विभिन्न विभागों की विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही निर्माण कार्यों में तेजी आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में निवेश से राज्य के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है। अनुपूरक बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने सरकार से बजटीय प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। विपक्ष का कहना है कि केवल बजट आवंटित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे।झारखंड विधानसभा मानसून सत्र: अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को सबसे अधिक प्राथमिकता, ग्रामीण विकास के लिए ₹4,258.67 करोड़ का प्रावधान
आधारभूत संरचना के विकास पर जोर
शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की योजना
ग्रामीण विकास को सबसे अधिक प्राथमिकता
रोजगार और विकास पर रहेगा फोकस
विपक्ष ने उठाए क्रियान्वयन पर सवाल
मुख्य बिंदु




-1785928421004.webp)








