धनबाद के मेयर संजीव सिंह के करीबी रंजय सिंह हत्याकांड में आज फैसला, 9 साल बाद अदालत में होगा न्याय का फैसला

धनबाद: झारखंड के धनबाद में चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में आज, 5 सितंबर 2026 को अदालत अपना फैसला सुनाएगी। करीब 9 साल 9 महीने और 337 तारीखों की लंबी सुनवाई के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड में फैसले की घड़ी आ गई है। रंजय सिंह को धनबाद के तत्कालीन भाजपा विधायक और वर्तमान मेयर संजीव सिंह का करीबी सहयोगी माना जाता था।

29 जनवरी 2017 को हुई थी हत्या

रंजय सिंह की 29 जनवरी 2017 की शाम सरायढेला थाना क्षेत्र के चाणक्य नगर मोड़ के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय रंजय सिंह अपने सहयोगी राजा यादव के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले में रंजय सिंह की मौत हो गई, जबकि राजा यादव बच गए और बाद में मामले में महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाह बने।

हत्या की साजिश का आरोप

पुलिस की जांच और अभियोजन की कहानी के अनुसार, नंद कुमार सिंह उर्फ मामा को इस मामले में मुख्य शूटर बताया गया। वहीं हर्ष सिंह पर हत्या की साजिश रचने और शूटरों को सहयोग देने का आरोप लगाया गया। मामले में अभियोजन की ओर से कुल 23 गवाहों को अदालत में पेश किया गया। लंबी सुनवाई और अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुनाने की तारीख 5 सितंबर तय की थी।

कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई

फैसले को देखते हुए धनबाद पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि फैसले के बाद किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस की विशेष नजर कोर्ट परिसर के आसपास आने-जाने वाले लोगों और गतिविधियों पर रहेगी।

रंजय हत्याकांड का नीरज सिंह हत्याकांड से भी जुड़ा है इतिहास

रंजय सिंह की हत्या के बाद धनबाद में सिंह मेंशन और रघुकुल से जुड़े संघर्ष की चर्चा और तेज हुई थी। बाद में 21 मार्च 2017 को पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या कर दी गई। अदालत से जुड़े रिकॉर्ड में भी रंजय सिंह की हत्या को नीरज सिंह हत्याकांड के कथित प्रतिशोध की पृष्ठभूमि से जोड़ा गया था।

नीरज सिंह हत्याकांड में अगस्त 2025 में अदालत ने पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

पूरे कोयलांचल की नजर अदालत के फैसले पर

रंजय सिंह हत्याकांड करीब एक दशक से धनबाद की चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आज आने वाला फैसला यह तय करेगा कि अदालत अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी मानती है या उन्हें राहत देती है। फैसले को लेकर सिंह मेंशन, रघुकुल और पूरे कोयलांचल की निगाहें अदालत पर टिकी हैं।

नोट: अदालत के फैसले के बाद इस खबर को फैसले के वास्तविक परिणाम के अनुसार अपडेट किया जाना चाहिए।