रांची,   झारखंड उच्च न्यायालय ने बोकारो कोषागार के पुलिस विभाग के वेतन मद से कथित तौर पर 3.15 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में आरोपित अन्नू पांडेय को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अन्नू पांडेय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला सीआईडी केस नंबर 06/2026 से संबंधित है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि बोकारो कोषागार से सब-इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के वेतन मद से करीब 20 महीने की अवधि में कथित तौर पर 3.15 करोड़ रुपये की निकासी की गई। अधिवक्ता ने दलील दी कि इस कथित वित्तीय गतिविधि से अन्नू पांडेय का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और यह पूरा काम उनके पति कौशल कुमार पांडेय ने किया है।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि कौशल कुमार पांडेय ने अन्नू पांडेय के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और कथित तौर पर निकाली गई राशि उसमें स्थानांतरित की गई। बाद में रकम पति के खाते में ट्रांसफर किए जाने की बात भी अदालत के समक्ष रखी गई। मामले में बेनामी लेन-देन का आरोप भी बताया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि अन्नू पांडेय नवजात बच्चे की मां हैं।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से अग्रिम जमानत का विरोध किया गया। सरकारी पक्ष ने आरोप लगाया कि अन्नू पांडेय अपने पति कौशल कुमार पांडेय के साथ संबंधित बैंक खाते का संचालन कर रही थीं। आरोप है कि दोनों ने बोकारो पुलिस विभाग के कोषागार के वेतन मद से निकाली गई राशि को उक्त खाते में जमा कराया और खाते में 3.15 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पहुंची।

उच्च न्यायालय ने एफआईआर का अवलोकन करने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता कौशल कुमार पांडेय की पत्नी हैं और उनके संबंध में बोकारो पुलिस विभाग के कोषागार के वेतन मद से निकाली गई करीब 3.15 करोड़ रुपये की राशि उनके खाते में जमा होने का गंभीर आरोप है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने अन्नू पांडेय को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।