डोरंडा में उर्दू लाइब्रेरी के पास फायरिंग से हड़कंप, आपसी रंजिश में गोली चलाने का आरोप; अफाक और संजर की तलाश तेज
रांची: राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में रविवार रात हुई फायरिंग की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। उर्दू लाइब्रेरी के पास अपराधियों ने कथित तौर पर गोलीबारी की और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। फायरिंग की सूचना मिलते ही डोरंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस की शुरुआती जांच में फायरिंग की घटना के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आ रही है। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने फायरिंग में शामिल बताए जा रहे आरोपितों की पहचान अफाक और संजर के रूप में की है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद पहले भी थाने तक पहुंच चुका है। दोनों पक्षों की ओर से डोरंडा थाने में एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। ऐसे में पुलिस इस पुराने विवाद को रविवार रात हुई गोलीबारी से जोड़कर भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के पीछे पुरानी रंजिश और विवाद की भूमिका की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फायरिंग के दौरान कितने लोग मौजूद थे और गोली किस उद्देश्य से चलाई गई। जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि फायरिंग के आरोपितों में से एक पहले भी आपराधिक मामले में जेल जा चुका है। बताया जा रहा है कि वह कुछ महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद दोबारा विवाद में उसका नाम सामने आने से पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। घटना के बाद रांची पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। साथ ही आरोपितों के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि फायरिंग की पूरी घटना की कड़ियां जोड़ी जा सकें। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और फायरिंग के बाद आरोपित किस रास्ते से मौके से फरार हुए। फिलहाल पुलिस मामले को लेकर सभी संभावित बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुराने विवाद, पूर्व में दर्ज एफआईआर, आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड और घटना के समय उनकी गतिविधियों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद फायरिंग की घटना के पीछे की पूरी वजह और घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा। मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।पुराना विवाद बना फायरिंग की वजह
जेल से बाहर आने के बाद फिर विवाद में नाम
संभावित ठिकानों पर छापेमारी
सभी पहलुओं से जांच कर रही पुलिस














