सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ : आठ साइबर ठग गिरफ्तार, तीन महीने में एक अरब का लेनदेन उजागर
कानपुर,
प्रतिबंधित ऑनलाइन वेबसाइट और बैटिंग एप्प्स के जरिये
लोगों को सट्टा खिलाने वाले गिरोह का फंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने आठ साइबर
ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग सट्टा गिरोह के लिए रुपये विड्राल का
काम करता था। यह शातिर जीतने वाले खिलाड़ियों को साइबर ठगी से कमाए हुए
रुपयों को खपा रहे थे। पुलिस को गिरोह के बैंक खातों से तीन महीने में करीब
एक अरब का लेनदेन मिला है। इसके अलावा पुलिस ने 50 लाख रुपये फ्रीज करा
दिए हैं। गैंग से जुड़े 14 लोग फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा
रही है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने सोमवार को बताया कि भारत मे
प्रतिबंधित होने के बावजूद ऑनलाइन गेमिंग एप्प Reddy book, Lotus365, Dubai
exh और Kartikey एप्प्स के जरिये कुछ साइबर ठग ठगी की रकम को खपाने के
उद्देश्य से इन एप्प्स के जरिये ऑनलाइन सट्टा खिलवा रहे हैं। पकड़े गए शातिर
केवल जीतने वाले खिलाड़ी के एकाउंट में पैसा ट्रांसफर करते थे।
यह
गिरोह पहले तो सोशल मीडिया और रील्स के माध्यम से लोगों को आकर्षित करते
थे। फिर छोटी मोटी रकम जितवा कर बड़ी रकम मिलते ही उन्हें हरा दिया करते थे।
शातिरों ने यह भी बताया कि इन एप्प से जुड़ने के लिए दिल्ली दुबई और नोएडा
में बैठे सरगना से आईडी खरीदनी पड़ती है। इन एप्स को इन्हीं जगहों से ऑपरेट
किया जाता है।
पुलिस को सूचना मिली कि इस गिरोह से जुड़े आठ
सदस्यों की लोकेशन बर्रा के आसपास मिली है। जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाते
हुए सत्यम तिवारी, अनमोल विश्वकर्मा, नितिन गुप्ता, अभिषेक वर्मा, हितेश
निगम, स्नेहिल बजाज, सुल्तान अहमद और नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास
से 26 मोबाइल, एक लैपटॉप, 54 एटीएम कार्ड, एक चेक बुक 26 पासबुक, 30 सिम
कार्ड बरामद हुए हैं। इसके अलावा लगभग 50 लाख की संदिग्ध धनराशि चिन्हित
हुई जाे फ्रीज कराई गई है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि सभी अभियुक्तों
के खिलाफ साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी और प्रतिबंधित गेमिंग ऐप के प्रचार-प्रसार
संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस गैंग के 14 अन्य
शातिरों की तलाश में दबिश दे रही है।















