कन्वर्जन के प्रयास का आरोप और महज शांति भंग में कार्रवाई !
विहिप का फूटा आक्रोश,कहा- बुल्डोजर की हो कार्रवाई
झांसी, एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर
प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील हैं।
वहीं दूसरी ओर कोतवाली थाना क्षेत्र में कथित कन्वर्जन के प्रयास के एक
संवेदनशील मामले में पुलिस की लचर कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा
है। इसको लेकर विहिप ने आगे आते हुए इसे निंदनीय बताया है और पीड़ित
छात्राओं को न्याय दिलाने की बात कही है।
दरअसल बीते दिनों कोतवाली
थाना क्षेत्र में कुछ छात्राओं का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने
एक शिक्षक सोहेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया था कि वह उन्हें धर्म
परिवर्तन के लिए प्रेरित करता है, मुस्लिम धर्म की प्रशंसा करता है और
हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करता है। छात्राओं ने यह भी
आरोप लगाया कि उन्हें अपने व्यक्तिगत मोबाइल नंबर से रात में मैसेज भेजने
का भी दबाव बनाया जाता था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा
तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपित शिक्षक के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई
करने के बजाय केवल शांति भंग की धारा 151 में चालान कर उसे छोड़ दिया। इस
कार्रवाई से स्थानीय लोगों और संगठनों में भारी नाराजगी है।
विहिप विभाग संगठन मंत्री का है कहना
इस
संबंध में विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री सोमेंद्र ने पुलिस के
रवैये को निंदनीय बताते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी के
खिलाफ हल्की कार्रवाई करना महिला सुरक्षा और धार्मिक संवेदनशीलता के प्रति
प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिकता
निभाने जैसा है, जिससे पीड़ित छात्राओं को न्याय मिलने की उम्मीद कम है।
सोमेंद्र
ने बताया कि 14 अप्रैल को वह पीड़ित छात्राओं के साथ आईजी से मुलाकात कर
पूरे मामले की जानकारी देंगे और निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग
करेंगे। उन्होंने कहा कि सुशासन के इस प्रदेश में कन्वर्जन जैसे मामले में
बुल्डोजर की कार्रवाई पुलिस को करनी चाहिए थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो संगठन बेटियों के सम्मान और
न्याय की मांग को लेकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। फिलहाल, इस मामले
ने शहर में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
बोले कोतवाली प्रभारी
इस
संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विद्यासागर ने बताया कि मुकदमे में
कोई गिरफ्तारी की धारा नहीं थी, इसलिए उसका शांति भंग में चालान किया गया
था।















