स्टॉक मार्केट में हैप्पी स्टील्स की मामूली बढ़त के साथ एंट्री, लिस्टिंग के बाद उछले कंपनी के शेयर
स्टॉक मार्केट में हैप्पी स्टील्स की मामूली बढ़त के साथ एंट्री, लिस्टिंग के बाद उछले कंपनी के शेयर
नई
दिल्ली, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डिफेंस एप्लिकेशंस के
लिए एक्सल, साफ्ट और स्पिंडल्स जैसी चीजों का निर्माण करने वाली कंपनी
हैप्पी स्टील्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के
साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 66 रुपये के भाव पर जारी किए गए
थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 3.03 प्रतिशत प्रीमियम
के साथ 68 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के
कारण कंपनी के शेयर थोड़ी देर में ही उछल कर 71.40 रुपये के अपर सर्किट
लेवल पर पहुंच गए। हालांकि इसके बाद बिकवाली होने के कारण अपर सर्किट ब्रेक
हो गया। पूरे दिन का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 68.50 रुपये के
स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों
को प्रति शेयर 2.50 रुपये यानी 3.79 प्रतिशत का फायदा हो गया।
कंपनी
का 25 करोड़ रुपये का आईपीओ नौ से तेरह जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए
खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके
कारण ये ओवरऑल 54.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड
इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 59.01 गुना
सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए
रिजर्व पोर्शन में 113.60 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल
इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 73.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ
के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 37.88 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं।
आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी खरीदने, पुराने
कर्ज को कम करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
हैप्पी
स्टील्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर
सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में
किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है।
वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो
अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 2.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच
गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 7.10
करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति
में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 82.24 करोड़ का कुल राजस्व
प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बढ़ोतरी के साथ 82.52 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की
राजस्व प्राप्ति अच्छी तेजी आई। इस साल कंपनी को 96.57 करोड़ रुपये का
राजस्व प्राप्त हुआ। कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में इस दौरान उतार चढ़ाव
होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 35.69 करोड़ रुपये का
कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में मामूली गिरावट के साथ
34.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष
2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 47.18 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस में भी
उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और
सरप्लस 29.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर
31.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस कम होकर 29.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24
में ये 30.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 32.88
करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के
नेटवर्थ ने छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर
39.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी की ईबीआईटीडीए
(अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में इस
दौरान उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 11.08 करोड़ रुपये
के स्तर पर थी, जो 2024-25 में घट कर 8.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए उछल कर 15.27
करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।















