सरकार गुरुवार को जारी करेगी नई श्रृंखला पर आधारित महंगाई का आंकड़ा
नई दिल्ली, केंद्र सरकार नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) शृंखला के आधार पर जनवरी महीने की खुदरा महंगाई दर यानी मुद्रास्फीति के आंकड़े गुरुवार को जारी करेगी। इस शृंखला में हवाई किराया, ई-कॉमर्स मंचों पर कीमतों और ओटीटी मंचों के सदस्यता शुल्क में उतार-चढ़ाव को भी शामिल किया जाएगा।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि आंकड़ों की प्रासंगिकता, सटीकता और अंतरराष्ट्रीय तुलना क्षमता को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई के आधार वर्ष में व्यापक संशोधन करने का निर्णय लिया है। एनएसओ की ओर से जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी की नई श्रृंखला 27 फरवरी, 12 फरवरी और मई 2026 को जारी की जाएंगी
मंत्रालय के मुताबिक जीडीपी और आईआईपी के लिए नया आधार वर्ष 2022-23 होगा, जबकि सीपीआई का प्रस्तावित आधार वर्ष 2024 रखा गया है। आधार वर्ष 2024 वाली नई सीपीआई शृंखला में 358 वस्तुओं एवं सेवाओं को शामिल किया गया है जबकि 2012 आधार वर्ष की पुरानी शृंखला में 299 मदों को रखा गया था। पुरानी शृंखला पर आधारित अंतिम मुद्रास्फीति आंकड़े दिसंबर, 2025 के लिए जारी किए गए थे।
मंत्रालय ने आंकड़ों की प्रासंगिकता, सटीकता और अंतरराष्ट्रीय तुलना क्षमता को बढ़ाने के लिए जीडीपी, आईआईपी और सीपीआई के आधार वर्ष में व्यापक संशोधन का निर्णय लिया है। जीडीपी और आईआईपी के लिए नया आधार वर्ष 2022-23 होगा, जबकि सीपीआई का प्रस्तावित आधार वर्ष 2024 रखा गया है।
मंत्रालय के मुताबिक, इन सूचकांकों के आधार वर्ष संशोधन की प्रक्रिया संबंधित तकनीकी सलाहकार समिति/ विशेषज्ञ समूहों के मार्गदर्शन में पूरी की गई है, जिनमें शिक्षाविद, केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विशेषज्ञ शामिल रहे हैं।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय सांख्यिकी संगठन (एनएसओ) खुदरा महंगाई, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से जुड़े व्यापक आर्थिक आंकड़े को जारी करता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान को जारी नहीं किया था, और नई सीपीआई शृंखला के आंकड़ों की प्रतीक्षा करने का निर्णय लिया था। आरबीआई मौद्रिक नीति तय करते समय खुदरा महंगाई दर के आंकड़ों पर गौर करता है।















