भागलपुर, जिले के कई प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। गंगा और अन्य सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण 9 प्रखंडों की 28 पंचायतों के 45 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इस आपदा से 11,320 परिवार और करीब 48,081 लोग प्रभावित हुए हैं। स्थानीय सांसद बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वे जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर प्रभावितों तक हर संभव सहायता पहुँचाने में जुटे हैं।

जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आपदा प्रबंधन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 17,776 लोगों को बाढ़ ग्रस्त इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। आवागमन और रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 51 सरकारी नावें चलाई जा रही हैं। बाढ़ पीड़ितों की भूख मिटाने के लिए प्रशासन द्वारा 6 सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अब तक 75,953 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके साथ ही, बेघर हुए जरूरतमंद परिवारों के बीच 3,000 पॉलीथिन शीट बांटी गई हैं।

बाढ़ जनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रभावित इलाकों में 2 विशेष स्वास्थ्य केंद्र भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के चारे का संकट भी गहरा गया है। प्रशासन की ओर से अब तक 4,207 क्विंटल पशुचारा प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध कराया गया है, ताकि मवेशियों को भुखमरी से बचाया जा सके। राघोपुर पंचायत के प्रभावित गांवों में राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। यहाँ सबसे अधिक 14,382 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। सामुदायिक रसोई और पशुचारे की व्यवस्था की गई है।

नाथनगर में बाढ़ की भारी मार झेल रहे इस प्रखंड से 2,894 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। लोगों के आवागमन और राहत सामग्री पहुँचाने के लिए 17 नावें काम पर लगाई गई हैं। नारायणपुर में प्रभावित गांवों में 5 नावें चलाई जा रही हैं और अब तक 500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

सबौर में जलमग्न गांवों में 6 नावें राहत कार्य में जुटी हैं। यहाँ बीमार लोगों के इलाज के लिए 2 स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह सक्रिय हैं। अन्य प्रखंडों में राहत और बचाव कार्य के लिए रंगरा में 6, कहलगांव में 5, पीरपैंती में 3 और गोपालपुर में 1 नाव लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फेरे लगा रही है।

वहीं सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए हम जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम के साथ लगातार संपर्क में हैं। हर प्रभावित परिवार तक मदद पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। स्थिति पर पल-पल की नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार राहत कार्यों का दायरा और बढ़ाया जाएगा।