नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के जांबाज फाइटर पायलट और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है। करीब 22 वर्षों तक वायुसेना में सेवा देने के बाद उन्होंने अब नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नई पारी शुरू की है। रिपोर्टों के मुताबिक, वह गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से कमर्शियल पायलट के तौर पर जुड़ गए हैं।

2019 में पाकिस्तान के F-16 से हुआ था मुकाबला

अभिनंदन वर्धमान को देशभर में उस समय पहचान मिली, जब 27 फरवरी 2019 को बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन भारत और पाकिस्तान की वायुसेनाओं के बीच हवाई संघर्ष हुआ था। इस दौरान अभिनंदन ने अपने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी वायुसेना के एक F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। हालांकि इस हवाई मुठभेड़ में उनका विमान भी क्षतिग्रस्त होकर पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में गिर गया और उन्हें पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था।

करीब तीन दिन तक हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को उन्हें भारत वापस लाया गया। उनके साहस और कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण के लिए भारत सरकार ने उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया।

2021 में बने थे ग्रुप कैप्टन

अभिनंदन को दिसंबर 2021 में ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया था। उन्होंने भारतीय वायुसेना में लगभग 22 साल की सेवा पूरी की। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 31 मार्च को वायुसेना छोड़ दी थी और इसके बाद निजी एयरलाइन में शामिल हुए।

अब यात्री विमान उड़ाएंगे अभिनंदन

वायुसेना से विदाई के बाद अभिनंदन ने अपने एविएशन करियर को ही आगे बढ़ाते हुए नागरिक उड्डयन का रुख किया है। वह FLY91 में कमर्शियल पायलट के रूप में काम करेंगे। यह गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन है, जो ATR 72-600 विमानों का संचालन करती है।

फाइटर पायलट से कमर्शियल पायलट तक का सफर

अभिनंदन वर्धमान का करियर भारतीय सैन्य विमानन के इतिहास में खास स्थान रखता है। 2019 की हवाई मुठभेड़ के बाद वह देश में साहस, धैर्य और सैन्य कर्तव्य के प्रतीक बन गए थे। अब वायुसेना की वर्दी छोड़कर वह विमानन के नागरिक क्षेत्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

उनका यह कदम भारतीय वायुसेना में करीब दो दशक से अधिक लंबे करियर के बाद एक नई पेशेवर पारी की शुरुआत माना जा रहा है।