आईआईटी खड़गपुर और आर्ट ऑफ लिविंग में हुआ समझौता, समग्र कल्याण पर रहेगा फोकस
रांची (RANCHI): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के समग्र कल्याण तथा मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ व्यक्तिगत और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व देना है।
संस्थान के अनुसार, इस सहयोग के तहत योग, ध्यान, मन प्रबंधन और जीवन कौशल आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से परिसर में सकारात्मक एवं संतुलित वातावरण तैयार किया जाएगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप है।
कर्मचारियों के लिए संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन
समझौते के तहत विद्यार्थियों के लिए ‘मन प्रबंधन एवं जीवन कौशल’ कार्यक्रम और शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए संकाय विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा सहज समाधि ध्यान, आनंद कार्यक्रम, उन्नत ध्यान कार्यक्रम, गहरी नींद, चिंता निवारण और योग आधारित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
तनाव प्रबंधन और आंतरिक संतुलन पर जोर
समझौता ज्ञापन पर आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्राे. सुमन चक्रवर्ती और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थागत कार्यक्रम निदेशक राजीव नांबियार ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर अरुण चक्रवर्ती, भारतीय ज्ञान प्रणाली उत्कृष्टता केंद्र की प्राध्यापक प्रोफेसर ऋचा चोपड़ा और निदेशक कार्यालय के प्रमुख अभ्रजीत साहा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को आत्म-जागरूकता, तनाव प्रबंधन और आंतरिक संतुलन जैसे प्रभावी साधनों से सशक्त बनाना भविष्य के उत्तरदायी नागरिकों और नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
समावेशी परिसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा आईआईटी
संस्थान की ओर से कहा गया कि इस साझेदारी के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर ऐसा समावेशी परिसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक विकास को भी सुनिश्चित किया जा सके।















