अलीपुरद्वार,  अलीपुरद्वार-1 ब्लॉक के पूर्व कठलबाड़ी ग्राम पंचायत के गारारजोत गांव में शिलतोर्षा नदी के चर की जमीन पर कब्जे को लेकर रविवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। आदिवासियों का एक समूह जमीन पर घर बनाने के उद्देश्य से पहुंचा था, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया।

आदिवासियों का दावा है कि करीब 900 बीघा जमीन उनके पूर्वजों की है। उनका आरोप है कि चर क्षेत्र से राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अवैध रूप से मिट्टी काटी जा रही है और खाली पड़ी जमीन उन्हें वापस मिलनी चाहिए।वहीं, भूमि विभाग के अनुसार सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन खास जमीन के रूप में दर्ज है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा यहां से मिट्टी लेने के लिए सरकार को रॉयल्टी दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने आदिवासियों को समझाया कि इस तरह जमीन पर कब्जा करना कानूनी नहीं है और इसके लिए भूमि एवं भूमि राजस्व विभाग में आवेदन करना होगा। इस दौरान कुछ स्थानीय बंगाली निवासियों के साथ आदिवासियों की बहस भी हुई, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित कर ली गई।

आदिवासियों का कहना है कि 1967 की भीषण बाढ़ के बाद उनके पूर्वजों को यह इलाका छोड़ना पड़ा था। अब वे अपनी पुश्तैनी जमीन वापस लेने के लिए बड़े आंदोलन की तैयारी करेंगे। हालांकि, भूमि विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिलतोर्षा नदी के चर की संबंधित जमीन सरकारी रिकॉर्ड में पूरी तरह खास जमीन के रूप में दर्ज है।