लगातार बारिश और डैम से भारी जलप्रवाह के कारण आसनसोल एवं हावड़ा में बाढ़ का खतरा
पश्चिम
बर्दवान, लगातार हो रही बारिश और दामोदर घाटी निगम
(डीवीसी) के जलाशयों से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के कारण पश्चिम
बंगाल के आसनसोल, बर्नपुर, रेलपार से लेकर हावड़ा ग्रामीण के उदयनारायणपुर
और आमता-2 ब्लॉक तक जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में जलजमाव की
स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ जैसी
परिस्थिति बन गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
आसनसोल
और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को हुई लगातार बारिश ने हालात को और
गंभीर बना दिया। शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि रेलपार
क्षेत्र में कई घरों में पानी घुसने की सूचना मिली है। बर्नपुर सहित अन्य
क्षेत्रों में सड़कों पर जलजमाव के कारण आवागमन बाधित रहा, जिससे आमजन को
कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, 16 अगस्त सुबह
से 17 अगस्त शाम तक अलग-अलग समय अंतराल में 25 मिलीमीटर से अधिक वर्षा
दर्ज की गई, जबकि आर्द्रता का स्तर 100 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे स्थिति
और अधिक जटिल हो गई।
स्थिति को और गंभीर बनाने वाला प्रमुख कारण डीवीसी द्वारा छोड़ा गया भारी जलप्रवाह रहा।
प्राप्त
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त को मैथन डैम से लगभग 29 हज़ार क्यूसेक पानी
छोड़ा गया, जबकि दुर्गापुर बैराज से लगभग एक लाख 15 हज़ार क्यूसेक पानी
निचले क्षेत्रों की ओर प्रवाहित किया गया। इसके परिणामस्वरूप दामोदर नदी का
जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी किनारे बसे क्षेत्रों पर दबाव बढ़ गया
है।
डीवीसी की ओर से बताया जाता है कि मैथन और पंचेत जलाशयों से
छोड़े जाने वाले पानी की निरंतर निगरानी की जाती है तथा आवश्यकता पड़ने पर
बाढ़ चेतावनी भी जारी की जाती है।
इधर, हावड़ा ग्रामीण के
उदयनारायणपुर और आमता-2 ब्लॉक में भी दामोदर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर
लोगों में चिंता का माहौल है। इससे पहले डीवीसी द्वारा लगभग 1 9हज़ार
क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद सोमवार को अतिरिक्त 38 हज़ार क्यूसेक
पानी छोड़े जाने की सूचना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आशंका
व्यक्त की जा रही है कि यह जलराशि मंगलवार शाम तक उदयनारायणपुर क्षेत्र से
होकर गुजर सकती है।
हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है
कि फिलहाल हावड़ा ग्रामीण में किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है। विभाग के
अनुसार, दामोदर नदी के तटबंधों को पूर्व की तुलना में मजबूत किया गया है
और नदी की जलधारण क्षमता में भी सुधार हुआ है। इसके बावजूद, लगातार बारिश
और डैम से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
उदयनारायणपुर
के भवानीपुर क्षेत्र के निवासी तमाल गुच्छैत ने बताया कि पूर्व की बाढ़
घटनाओं के कारण लोग अभी भी आशंकित रहते हैं। उनके अनुसार, “थोड़ी सी भी
बारिश या डैम से पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही लोगों में भय का माहौल
बन जाता है, क्योंकि पहले कई बार पूरा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है।"
सिंचाई
विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें दामोदर नदी के किनारे लगातार
निगरानी कर रही हैं। बकपोटा, डिहिभुरसुट और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में
इंजीनियरों की तैनाती की गई है। साथ ही, निचले और नदी किनारे बसे गांवों के
निवासियों को सतर्क रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।












