उत्तर बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह
सिलीगुड़ी, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ यानी
सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने
गतिविधियां तेज कर दी हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री
अमित शाह 20 से 22 अगस्त तक तीन दिवसीय उत्तर बंगाल दौरे पर रहेंगे। उनके
इस दौरे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार
अमित
शाह गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे। जहां राज्य
के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सहित सांसद, मंत्री ने उनका भव्य स्वागत
किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से सीधे सुकना स्थित एक रिसॉर्ट के लिए निकल
गए, जहां रात में ठहरेंगे।
दौरे के दूसरे दिन, शुक्रवार को गृह
मंत्री सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के फ्रंटियर हेडक्वार्टर रानीडांगा में कई
बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वहीं दोपहर
का भोजन करेंगे। साथ ही भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा स्थिति
को लेकर समीक्षा बैठक करेंगे।
शुक्रवार शाम कावाखाली मैदान में
आयोजित एक बड़े नागरिक कार्यक्रम में भी अमित शाह शामिल होंगे। यहां नए तीन
आपराधिक कानूनों में से ‘भारतीय न्याय संहिता’ के क्रियान्वयन की प्रगति
और जनजागरूकता से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की बात है।
जानकारी के अनुसार स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए बुधवार को एडीजी मनोज वर्मा ने कावाखाली मैदान का निरीक्षण किया।
इसके
बाद शुक्रवार रात सुकना स्थित रिसॉर्ट में अमित शाह की दो महत्वपूर्ण
समीक्षा बैठकें होने की संभावना है। इन बैठकों में सीमा सुरक्षा बल
(बीएसएफ), एसएसबी और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो
सकते हैं। बैठक में सिलीगुड़ी कॉरिडोर की भू-राजनीतिक स्थिति, घुसपैठ और
सीमा सुरक्षा समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
शनिवार,
22 अगस्त को दौरे के अंतिम दिन गृह मंत्री जिला और प्रशासनिक अधिकारियों
के साथ दो और समीक्षा बैठकें कर सकते हैं। इन बैठकों को लेकर सुरक्षा
कारणों से काफी गोपनीयता बरती जा रही है। बैठकें पूरी करने के बाद अमित शाह
बागडोगरा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
क्यों अहम है सिलीगुड़ी कॉरिडोर?
भारत
के भू-राजनीतिक मानचित्र में सिलीगुड़ी कॉरिडोर का बेहद महत्वपूर्ण स्थान
है। यह संकरा गलियारा देश के मुख्य भूभाग को सिक्किम और पूर्वोत्तर के सात
राज्यों से जोड़ता है। इसके आसपास अंतरराष्ट्रीय सीमाएं होने के कारण यह
क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है।
केंद्र
सरकार घुसपैठ और तस्करी रोकने के साथ-साथ सीसीटीवी, ड्रोन और रडार के
समन्वय से स्मार्ट बॉर्डर विकसित करने पर जोर दे रही है। अमित शाह का
लगातार उत्तर बंगाल दौरा इसी सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा
रहा है।














