रांची (RANCHI): बांग्लादेश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया अब हमारे बीच नहीं रहीं. राजधानी ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती खालिदा का आज सुबह निधन हो गया. पिछले महीने 29 नवंबर को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई थी. तब लंदन में रह रहे उनके बड़े बेटे तारिक रहमान का दर्द एक फेसबुक पोस्ट में छलका था.


 मैं अपनी मां के पास रहना चाहता हूं:रहमान 

बांग्लादेश के लगभग हर अखबार ने तारिक रहमान की फेसबुक पोस्ट को महत्व दिया. तारिक ने कहा उनका बांग्लादेश लौटना पूरी तरह उनके नियंत्रण में नहीं है. तारिक रहमान ने लिखा था, ''हर बेटे की तरह मैं भी इस कठिन समय मैं अपनी मां के पास रहना चाहता हूं. लेकिन यह फैसला मैं अकेले नहीं ले सकता. कुछ संवेदनशील कारण हैं, जिन पर अभी विस्तार से बोलना संभव नहीं है.''

छाती में संक्रण के बाद खालिदा को अस्पताल में कराया गया था भर्ती

तारिक ने कहा था कि उनकी 80 वर्षीय मां खालिदा जिया को छाती में संक्रण होने के बाद 23 नवंबर को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यह संक्रमण दिल और फेफड़ों दोनों को प्रभावित कर रहा है. मां की हालत गंभीर संकट में है. वह आईसीयू में लगातार निगरानी में हैं. 
तारिक रहमान ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि कौन-सी परिस्थिति उनके वापस आने में बाधा है. ब्रिटेन ने भी उनकी कानूनी स्थिति पर गोपनीयता नियमों का हवाला देते हुए कोई जानकारी नहीं दी थी. रहमान ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि ''जब राजनीतिक हालात सही मुकाम पर पहुंचेंगे, तब मेरे वतन लौटने का इंतजार खत्म होगा.'' बता दें कि तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को बांग्लादेश लौटे हैं. वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष हैं.