आर्कटिक समुद्री मार्ग पर दक्षिण कोरिया का पहला कदम, यूरोप के लिए भेजा कंटेनर जहाज
बुसान, दक्षिण कोरिया का एक कंटेनर जहाज शनिवार को पहली बार
आर्कटिक रूट से यूरोप के लिए रवाना हुआ। इस पायलट ऑपरेशन का उद्देश्य
आर्कटिक समुद्री मार्ग की व्यावसायिक व्यवहार्यता और इसके जरिए एशिया-यूरोप
व्यापार की संभावनाओं का आकलन करना है।
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप
ने
ओशन मिनिस्ट्री के हवाले से बताया कि ‘पैनस्टार एक्रो’ नाम का कंटेनर जहाज
दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर बुसान से रात करीब 9 बजे रवाना हुआ। जहाज के 30
अगस्त के आसपास नॉर्दर्न सी रूट में प्रवेश करने और 7 सितंबर के आसपास
आर्कटिक जल क्षेत्र से गुजरने की उम्मीद है।
यात्रा के दौरान जहाज 9
सितंबर को ब्रिटेन के फेलिक्सस्टो, 11 सितंबर को नीदरलैंड के रॉटरडैम और
15 सितंबर को पोलैंड के ग्दान्स्क बंदरगाह पर पहुंचेगा। इसके बाद जहाज 5
अक्टूबर को बुसान लौटने की योजना है। पूरी यात्रा करीब 45 दिनों में पूरी
होने की उम्मीद है। आर्कटिक जल क्षेत्र से तय की जाने वाली दूरी लगभग 6,400
किलोमीटर होगी।
यह पहली बार है जब दक्षिण कोरिया के किसी कंटेनर
जहाज ने आर्कटिक रूट पर पायलट ऑपरेशन किया है। इसके अलावा, 2016 के बाद यह
पहली बार है जब किसी कोरियाई जहाज ने इस मार्ग से यात्रा की है।
‘पैनस्टार
एक्रो’ की क्षमता 2,758 टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) है और
इसमें बर्फीले समुद्री क्षेत्र में संचालन के लिए आइस-क्लास क्षमता मौजूद
है। बुसान स्थित पैनस्टार लाइन इस जहाज का संचालन करती है। फिलहाल, जहाज पर
837 टीईयूकार्गो लदा है, जिसमें केमिकल उत्पाद, इस्तेमाल की गई कारें, ऑटो
पार्ट्स और खाली कंटेनर शामिल हैं।
आर्कटिक शिपिंग रूट आर्कटिक
महासागर से होकर गुजरने वाले समुद्री मार्ग हैं, जो एशिया और यूरोप के बीच
पारंपरिक मार्गों की तुलना में कम दूरी और संभावित रूप से अधिक कुशल परिवहन
का विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन के कारण आर्कटिक
क्षेत्र में समुद्री बर्फ के पिघलने से इन मार्गों के इस्तेमाल की
संभावनाएं बढ़ी हैं। वहीं, पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के कारण वैश्विक
जलमार्गों के प्रभावित होने से भी वैकल्पिक समुद्री मार्गों में रुचि बढ़ी
है।
दक्षिण कोरिया की सरकार आर्कटिक और उत्तरी समुद्री मार्गों के
विस्तार को देखते हुए बुसान को देश के प्रमुख समुद्री केंद्र के रूप में
विकसित करने पर जोर दे रही है। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के प्रशासन ने ओशन
मिनिस्ट्री को सियोल से बुसान स्थानांतरित किया है।
सरकार का मानना
है कि उत्तरी शिपिंग रूट के विस्तार से दक्षिण कोरिया के समुद्री उद्योग
और बुसान की वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भूमिका को बढ़ावा मिल सकता
है।














