मॉस्काे/वाशिंगटन,  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों के निर्माण का लाइसेंस देने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका फिलहाल यूक्रेन को सीधे तौर पर अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइलें उपलब्ध नहीं कराएगा।

रूस के सरकारी टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे ने गुरुवार काे बताया कि तुर्किए में आयोजित उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के साथ बैठक में ट्रंप ने कहा कि यदि लाइसेंस दिया जाता है तो यूक्रेन स्वयं पैट्रियट मिसाइलों का उत्पादन कर सकेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम यूक्रेन की रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

ट्रंप ने कहा कि पैट्रियट एक रक्षात्मक हथियार है और वे आक्रामक हथियारों की तुलना में रक्षा प्रणालियों को प्राथमिकता देते हैं। अमेरिका के पास सीमित संख्या में पैट्रियट इंटरसेप्टर उपलब्ध हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना होगा।

रूस के साथ संघर्ष के ज़्यादातर समय में यूक्रेन अपने पश्चिमी सहयोगियों से मिलने वाले हथियारों पर बहुत ज़्यादा निर्भर रहा है और यह संघर्ष अब अपने पांचवें साल में है। ज़ेलेंस्की ने हथियारों की कमी और डिलीवरी में देरी के लिए बार-बार पश्चिम को दोषी ठहराया है, साथ ही पैट्रियट मिसाइलों समेत और मदद की मांग की है। उनका कहना है कि यूक्रेन के पास रूसी हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त इंटरसेप्टर नहीं हैं।

दूसरी ओर, यूक्रेन का समर्थन जारी रखने के बावजूद ट्रंप ने कई बार ज़ेलेंस्की की आलोचना की है और उन्हें "अहसान न मानने वाला" कहा है। उन्होंने कीव में कई लोगों को नाराज़ भी किया है, जब उन्होंने कहा कि यूक्रेन को रूस को अपनी ज़मीन देनी पड़ सकती है। उन्होंने बिना शर्त यूक्रेन की मदद करने के लिए जो बाइडन के पिछले प्रशासन की भी आलोचना की और ज़ोर दिया कि यूरोपीय नाटाे सदस्य 'प्रायोरिटाइज़्ड यूक्रेन रिक्वायरमेंट्स लिस्ट' (पीयूआरएल) स्कीम के ज़रिए कीव को भेजे गए अमेरिकी हथियारों के लिए भुगतान करेंगे।

ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका का इंटरसेप्टर का भंडार काफी हद तक खत्म हो गया था। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ के अनुमान के मुताबिक पेंटागन ने अप्रैल तक अपनी उपलब्ध पैट्रियट मिसाइलों में से लगभग आधी मिसाइलों का इस्तेमाल कर लिया था।

एक रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन को इन एडवांस्ड हथियारों को असेंबल करने के लिए पार्ट्स हासिल करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि मौजूदा सप्लाई चेन पर पहले से ही दबाव है। एक पैट्रियट मिसाइल को बनाने में कई साल लगते हैं, जिसका मतलब है कि यूक्रेन में इन मिसाइलों का प्रोडक्शन उस समय-सीमा में नहीं हो पाएगा जिसकी उन्हें ज़रूरत है।

वहीं, रूस ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी देशों से लगातार हथियार मिलने की वजह से नाटाे सदस्य इस लड़ाई में असल में शामिल हो गए हैं और इससे बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है।

मार्च में रूस के रक्षा मंत्रालय ने उन कंपनियों के पते जारी किए जो यूरोप में यूक्रेन के लिए ड्रोन के पार्ट्स बना रही थीं। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यूरोपीय नेता अपने देशों को रूस के साथ युद्ध में धकेल रहे हैं।

यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइलों की असेंबली लाइनें रूस के लिए खास तौर पर हमले के बड़े निशाने बन सकती हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यूक्रेन में कई सैन्य ठिकानों पर हमले की घोषणा की, जिनमें सैमसंग यूक्रेन की एक फैक्ट्री भी शामिल थी। मंत्रालय ने कहा था कि वहां एफपी-5 फ्लेमिंगो क्रूज मिसाइलों के पार्ट्स बनाए जा रहे थे।