रांची (RANCHI): पाकिस्तान के सबसे अशांत दो प्रांतों बलोचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा में हुई मुठभेड़ में नौ सैनिक और आजादी समर्थक नौ विद्रोही मारे गए. बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और सेना की मीडिया जनसंपर्क शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) इन घटनाओं पर अलग-अलग दावे किए हैं.


तीन अलग-अलग हमलों में पाकिस्तान के छह सैनिकों को मार गिराया

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, आजादी समर्थक सशस्त्र समूह बलोच लिबरेशन आर्मी ने शनिवार को कहा कि उसके लड़ाकों ने बलोचिस्तान के क्वेटा, कच्ची और केच जिलों में किए गए तीन अलग-अलग हमलों में पाकिस्तान के छह सैनिकों को मार गिराया. मीडिया बयान में बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलोच ने कहा कि लड़ाकों ने शुक्रवार को क्वेटा के बाहरी इलाके में डाघारी क्षेत्र में रिमोट-कंट्रोल इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से हमला किया. 
उन्होंने कहा कि हमले में सेना के जवानों को निशाना बनाया. इस हमले में चार सैनिक मौके पर ही मारे गए और दो अन्य घायल हो गए. समूह ने कहा कि दूसरा हमला उसी शाम कच्ची जिले के धदार के कलामुद्दीन इलाके में हुआ. तीसरा हमला शुक्रवार देर रात केच जिले के कुलाग इलाके में स्थित सामी में पाकिस्तान सेना की एक पोस्ट पर किया गया. इसमें पाकिस्तान सेना के दो सैनिक मारे गए.

18 से 20 दिसंबर के बीच नुश्की, टंप और दश्त में चार अलग-अलग हमले किए

इस बीच बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट कहा कि उसने 18 से 20 दिसंबर के बीच नुश्की, टंप और दश्त में चार अलग-अलग हमले किए. इसमें तीन जवान मारे गए. फ्रंट के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलोच ने कहा कि 18 दिसंबर को नुश्की के जर्रिन जंगल इलाके में लड़ाकों ने सेना के वाहन को उड़ा दिया. इसमें तीन जवान मारे गए और दो अन्य घायल हो गए.
 
19 दिसंबर को डेरा इस्माइल खान जिले में हई पहली मुठभेड़ 

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, आईएसपीआर ने बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने खैबर-पख्तूनख्वा (केपी( में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के नौ लड़ाकों को मार गिराया. पहली मुठभेड़ 19 दिसंबर को डेरा इस्माइल खान जिले में हई. इसमें चार विद्रोही मारे गए. इसके अलावा बन्नू जिले की मुठभेड़ में पांच विद्रोही मारे गए.