ईरान को चीन व रूस से जोड़ने वाले रेलवे पुल पर अमेरिका का हमला
तेहरान, ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि गुरुवार सुबह अमेरिकी हमले में ईरान को चीन और रूस से जोड़ने वाला ओगटे खान रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। यह पुल चीन-तुर्कमेनिस्तान-ईरान अंतरराष्ट्रीय रेल कॉरिडोर का अहम हिस्सा है, जो क्षेत्रीय व्यापार और माल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में ईरानी अधिकारियों ने कहा कि यह पुल अंतरराष्ट्रीय चीन-कजाकिस्तान-तुर्कमेनिस्तान-इंचेह बोरुन रेल कॉरिडोर पर स्थित है, जो ईरान की उत्तर-पूर्वी सीमा से होते हुए ईरान में प्रवेश करता है और गोरगन को तेहरान से जोड़ता है। यह रूट चीन की 'बेल्ट एंड रोड पहल' का हिस्सा है, जो चीनी शहर शीआन को ईरान की राजधानी से जोड़ता है। हाल के वर्षों में इस मार्ग का उपयोग चीन और रूस के साथ माल परिवहन के लिए बढ़ा है, जिससे इस हमले को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल इस कॉरिडोर के ज़रिए चीन से ईरान तक कम से कम 65 मालगाड़ियां चली थीं। अप्रैल में अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर गैर-कानूनी नाकाबंदी लागू करने के बाद रेल यातायात में तीन गुना वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रूस ने 2025 के अंत में इस रूट के ज़रिए ईरान को सामान भेजना शुरू कर दिया था, जिससे विश्लेषकों ने इस हमले को केवल एक पारंपरिक सैन्य हमले से कहीं ज़्यादा गंभीर माना है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे गंभीर युद्ध अपराध और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष-विराम समझौते का भी उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और ईरान अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
ईरान ने आरोप लगाया कि पिछले 48 घंटों में अमेरिका ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य हमले किए हैं और इसे संघर्ष-विराम समझौते का खुला उल्लंघन बताया। तेहरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य अमेरिकी अधिकारियों के बयानों की भी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका समझौते से पीछे हटने का बहाना बना रहा है।
इससे पहले, ईरान के सरकारी समाचार मीडिया संगठन प्रेस टीवी और तुर्किये की सरकारी संवाद समिति अनाडाेलू की रिपोर्ट में अमेरिका के हमले में तेहरान-मशहद रूट पर यात्री ट्रेन सेवाएं बाधित होने की पुष्टि की थी। फिलहाल तेहरान और मशहद के बीच यात्री रेल सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं। ईरान के रेल विभाग ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए टीमें भेजी गई हैं, जबकि फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकाॅम) ने कहा कि ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य तेहरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
इस बीच, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में अमेरिकी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 78 अन्य घायल हुए हैं। वहीं, रेलवे लाइन पर हुए हमले के कारण तेहरान-मशहद रेल मार्ग पर यात्री सेवाएं प्रभावित हुई हैं।















