रांची में धूमधाम से मनाई जा रही विश्वकर्मा पूजा, मंदिरों से लेकर वर्कशॉप और औद्योगिक इकाइयों तक उत्साह

रांची: देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा को लेकर गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को रांची समेत पूरे झारखंड में उत्साह का माहौल है। कारखानों, गैरेज, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, सर्विस सेंटर, रेलवे परिसर और अन्य कार्यस्थलों पर मशीनों, औजारों और वाहनों की पूजा-अर्चना की जा रही है।

विश्वकर्मा पूजा के मद्देनजर रांची के बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। भगवान विश्वकर्मा की मूर्तियों के साथ फूल-माला, झालर और पूजा सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही। इस बार इको-फ्रेंडली मूर्तियां भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं।

1930 से आस्था का केंद्र है विश्वकर्मा मंदिर

रांची का श्री जगतगुरु विश्वकर्मा मंदिर विश्वकर्मा पूजा का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में सुबह 11 बजे पूजा, दोपहर 1 बजे हवन और महाआरती तथा शाम 3 बजे प्रसाद वितरण और महाभंडारा आयोजित किया गया है। यह मंदिर वर्ष 1930 से आस्था का केंद्र बना हुआ है।

रेलवे गुड्स शेड में भी विशेष आयोजन

नामकुम-टाटीसिलवे रेलवे गुड्स शेड में भी विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पूजा के बाद भंडारे के साथ बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति तथा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और राज्य की प्रगति एवं समृद्धि की कामना की।

विश्वकर्मा पूजा का धार्मिक महत्व: मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा देवताओं के शिल्पकार और वास्तुकार हैं। इसलिए इस दिन मशीनों, औजारों, वाहनों और कार्यस्थल की पूजा कर बेहतर कार्य और समृद्धि की कामना की जाती है।

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