नामांकन भरते समय सतर्क रहें, नए अधिकारी नामांकन खारिज कर सकते हैं : ममता बनर्जी
कोलकाता, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा
नियुक्त नए अधिकारियों को उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन खारिज
करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों से नामांकन
दाखिल करते समय पूरी सावधानी बरतने की अपील की।
बीरभूम जिले के
नानूर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि सब कुछ
बदल दिया गया है, यहां नई व्यवस्था लागू की गई है। चुनाव आयोग द्वारा
नियुक्त नए अधिकारियों को आपके नामांकन खारिज करने का काम दिया गया है,
इसलिए नामांकन दाखिल करते समय सतर्क रहें।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह
राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने
विशेष रूप से महिलाओं से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील करते हुए कहा कि
यह पार्टी महिलाओं के खिलाफ है।
ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के
विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का
स्वागत करते हुए संतोष जताया। न्यायालय ने कहा है कि जिन लोगों के नाम
मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वे अपील कर सकते हैं और अपीलीय न्यायाधिकरण इन
मामलों का निर्णय करेंगे।
बाद में बड़ग्या में एक अन्य सभा में
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग चुनाव से पहले लोगों से उनके
बैंक खाते की जानकारी मांग रहे हैं। उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए कहा
कि किसी को भी अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह भाजपा की योजना है कि चुनाव से पहले लोगों को पैसे देकर प्रभावित किया जाए और बाद में उन्हें ठगा जाए।
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना चार मई को होगी।















