इंडियन मुजाहिद्दीन के दो संदिग्धों की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस
नई दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने पिछले 12 साल से हिरासत में रह रहे इंडियन मुजाहिद्दीन के दो कथित संदिग्धों की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
याचिका मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अजहर ने दायर की है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोच-समझकर फैसला दिया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उच्च न्यायालय ने गुलफिशा फातिमा के फैसले में बताए गए सिद्धांतों को लागू किया था। तब उच्चतम न्यायालय ने कहा कि केए नजीब का फैसला जिसमें कहा गया था कि ट्रायल में देरी यूएपीए मामलों में जमानत देने का एक वैध आधार है और वो यहां भी लागू होगा। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वो जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करें।
दरअसल ये मामला कथित गैरकानूनी हथियार और गोला-बारुद फैक्ट्री से संबंधित आतंकी साजिश से जुड़ा हुआ है। दोनों आरोपितों को 2014 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2021 में राजस्थान में अलग-अलग मामलों में देश के खिलाफ जंग छेड़ने और यूएपीए और आर्म्स एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी करार दिया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली में आतंकी साजिश रचने के मामले में अप्रैल में दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद दोनों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।















