रांची (RANCHI): विजय दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में ‘परमवीर दीर्घा’ का उद्घाटन किया. इस दीर्घा में देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित सभी 21 वीरों के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी, वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.


राष्ट्रीय नायकों के बारे में आगंतुकों को शिक्षित करने का उद्देश्य

परमवीर दीर्घा का उद्देश्य राष्ट्र की रक्षा में अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का परिचय देने वाले राष्ट्रीय नायकों के बारे में आगंतुकों को शिक्षित करना है. यह पहल मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों की स्मृति को सम्मान देने का भी प्रयास है.


जिन गलियारों में अब परमवीर दीर्घा स्थापित की गई है, वहां पहले ब्रिटिश एडीसी (एड-डी-कैंप) के चित्र लगे हुए थे. भारतीय राष्ट्रीय नायकों के चित्रों के प्रदर्शन की यह पहल औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की तरफ बढ़ते हुए भारत की समृद्ध संस्कृति, विरासत और गौरवशाली परंपराओं को आत्मसात करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. बता दें कि परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है, जो युद्ध के दौरान असाधारण वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए प्रदान किया जाता है.