एके-47 बरामदगी मामले में एनआईए ने फरार आरोपित को बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर दबोचा
नई
दिल्ली, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बिहार एसटीएफ
के साथ संयुक्त कार्रवाई में एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस की बरामदगी से
जुड़े मामले में एक और फरार आरोपित को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित
की पहचान सारण जिले के चेतन परसा निवासी करमुल्लाह के रूप में हुई है। उसे
शनिवार को सारण से गिरफ्तार किया गया।
एनआईए के मुताबिक, करमुल्लाह
ने अन्य सह-आरोपितों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के
अत्याधुनिक हथियारों की तस्करी की साजिश रची थी। एजेंसी का आरोप है कि इस
साजिश का उद्देश्य सार्वजनिक शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित करना और
राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था।
यह मामला एनआईए की
आरसी-11/2024/एनआईए/डीएलआई से संबंधित है। मामले की शुरुआत सात मई 2024 को
मुजफ्फरपुर के फकुली थाने में दर्ज केस संख्या 19/2024 से हुई थी।
मुर्गाटिया पुल के पास एक एके-47 राइफल, लेंस और जिंदा कारतूस बरामद होने
के बाद पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
जांच आगे बढ़ने
के बाद एनआईए ने मामले में कई पूरक आरोपपत्र दाखिल किए। आठ मई 2025 को
एजेंसी ने विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ
पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा
120बी तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं 13 और 18 के
तहत आरोप लगाए गए।
इसके बाद 20 फरवरी 2026 को मंजूर खान के खिलाफ
दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा
120बी, शस्त्र अधिनियम की धाराओं 25(1एए), 26 और 35 तथा गैरकानूनी
गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं 13 और 18 के तहत आरोप लगाए गए।
एनआईए
ने 15 अप्रैल 2026 को कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ तीसरा पूरक
आरोपपत्र दाखिल किया। उसके खिलाफ भी भारतीय दंड संहिता, शस्त्र अधिनियम और
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई
की गई।
इस मामले में एक अन्य आरोपित भैरव त्रिपाठी को हाल में 19
अगस्त 2026 को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया था। एनआईए के मुताबिक,
मामले में फरार आरोपितों की तलाश और हथियारों की तस्करी से जुड़ी साजिश की
जांच लगातार जारी है।
एजेंसी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।














