2025 : कन्नड फिल्म व रंगमंच ने कई दिग्गजों को खोया
रांची: साल 2025 कन्नड़ फिल्म उद्योग के लिए अपूरणनीय क्षति
का वर्ष साबित हुआ। दशकों तक रंगमच, सिनेमा और कला को समर्पित कई वरिष्ठजन
हमेशा के लिए बिछुड़ गए। इनमें कलाकार, हास्य अभिनेता, सहायक भूमिकाओं के
सशक्त कलाकार, रंगमंच के दिग्गज, टेलीविजन तथा उभरती प्रतिभाएं—एक के बाद
एक इस मृत्यु लाेक से विदा हो गए।
साल 2025 कन्नड़ फिल्म उद्योग के
लिए उपलब्धियों के कारण नहीं, बल्कि शोक और क्षति के कारण याद किया जाएगा।
दिग्गज कलाकारों से लेकर उभरती युवा प्रतिभाओं तक—अनेक अनमोल रत्नों को
खोने वाला यह वर्ष कला की अमरता के साथ–साथ मानव जीवन की क्षणभंगुरता को भी
बार–बार स्मरण कराता रहा।
केवल अभिनेता–अभिनेत्रियाँ ही नहीं, बल्कि
निर्देशक, संवाद लेखक, रंगकर्मी और तकनीकी विशेषज्ञों को भी खोते हुए 2025
का वर्ष कन्नड़ कला–संस्कृति के इतिहास में एक “मौन शोक–पट” के रूप में
दर्ज हो गया है।
अभिनय सरस्वती बी. सरोजादेवी का निधन
बहुभाषी
भारतीय सिनेमा की सशक्त स्तंभ और “अभिनय सरस्वती” के नाम से विख्यात बी.
सरोजादेवी का 14 जुलाई को आयुजनित बीमारियाें के चलते निधन हो गया। 7 जनवरी
1938 को जन्मीं सरोजादेवी ने मात्र 17 वर्ष की आयु में फिल्मी दुनिया में
कदम रखा और महाकवि कालिदास जैसी फिल्म से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर
इतिहास रच दिया था। कन्नड़, तमिल, तेलुगु और हिंदी भाषाओं के दिग्गज
कलाकारों के साथ काम करने वाली सरोजादेवी का जाना भारतीय सिनेमा के लिए
अपूरणीय क्षति रहा।
हास्य के मजबूत स्तंभ ढहे
कन्नड़ सिनेमा
के हास्य स्वर्ण–अध्याय के प्रतिनिधि एमएस उमेश कैंसर से जूझते हुए 30
नवंबर को इस लाेक से विदा हाे गए। गुरु शिष्यरु, हालु जेनु, अपूर्व संगम
सहित 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय करने वाले उमेश रंगमंच पर भी लंबे समय
तक दर्शकों के चहेते रहे।
रंगमंच की एक और अमूल्य कड़ी सरिगम विजय 15 जनवरी
को दिवंगत हाे गए। सरिगम विजय ने 269 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और
80 फिल्मों में सहायक निर्देशक के रूप में कार्य किया और 2,400 से अधिक
धारावाहिकों में अपनी पहचान बनाई।
रंगमंच और सिनेमा के लोकप्रिय हास्य
कलाकार राजू तालिकोटे 13 अक्टूबर को हृदयाघात से दिवंगत हो गए। ‘कलियुगद
कुडुक’ नाटक से घर–घर पहचान बनाने वाले राजू बिग बॉस कन्नड़ का भी हिस्सा
रहे। कॉमेडी खिलाड़ीज फेम राकेश पुजारी का 12 मई को हृदयाघात से इस दुनिया
से जाना उद्योग के लिए गहरा आघात रहा।
सहायक भूमिकाओं के सशक्त कलाकारों की विदाई
सिनेमा
के सबसे विश्वसनीय सहायक अभिनेताओं में गिने वाले बैंक जनार्दन 14 अप्रैल
को आयुजनित बीमारी से दिवंगत हाे गए। बैंक जनार्दन ने 500 से अधिक फिल्मों
में अपने विशिष्ट अभिनय से उन्होंने दर्शकों के दिलों में स्थायी स्थान
बनाया।
केजीएफ फिल्म के ‘चाचा’ किरदार से नई पीढ़ी में लोकप्रिय हुए हरीश
राय का 6 नवंबर को कैंसर से निधन हाे गया । वहीं 25 अगस्त को ब्रेन हेमरेज
से दिवंगत हुए दिनेश मंगलूरु न केवल अभिनेता, बल्कि कला निर्देशक के रूप
में भी चंदनवन के लिए अमूल्य योगदान देने वाले कलाकार थे।
नाटक,
धारावाहिक और सिनेमा—तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले
दुर्लभ प्रतिभा के धनी यशवंत सरदेशपांडे का 60 वर्ष की उम्र में 29 सितंबर
को निधन हो गया। इसके अलावा युवा अभिनेता संतोष बालराज चंदनवन 5 अगस्त को
मात्र 38 वर्ष की आयु में पीलिया (जॉन्डिस) से माैत हाेने से उनके
प्रशंसक दुखी हुए। फिल्मी ‘गड्डप्पा’ के नाम से प्रसिद्ध चन्नेगौड़ा 22
नवंबर को और टेलीविजन अभिनेता श्रीधर नायक की 26 मई को बीमारी से निधन से
पूरे कन्नड़ फिल्म जगत शोक में डूब गया था।