रांची । महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को मामूली राहत
मिली है। नवंबर महीने में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित थोक
महंगाई दर में बढ़त देखने को मिली है। इस दौरान थोक महंगाई घटकर (-) 0.32
फीसदी पर आ गई, जबकि अक्टूबर में यह (-) 1.21 फीसदी पर थी। नवंबर, 2024
में 2.16 फीसदी रही थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को
बताया कि खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस,
बुनियादी धातुओं के उत्पादन और बिजली आदि की कीमतों में कमी इसकी मुख्य
वजह रही। आंकड़ों के अनुसार नवंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.16
फीसदी रही, जबकि अक्टूबर में यह 8.31 फीसदी थी।
सब्जियों की महंगाई दर
20.23 फीसदी रही, जो अक्टूबर में 34.97 फीसदी थी। आंकड़ों के मुताबिक दालों
की कीमतों में नवंबर में 15.21 फीसदी की कमी आई, जबकि आलू तथा प्याज की
कीमतें क्रमशः 36.14 फीसदी और 64.70 फीसदी घटीं।
इसके अलावा विनिर्मित
उत्पादों के मामले में नवंबर में महंगाई घटकर 1.33 फीसदी हो गई, जबकि
अक्टूबर में यह 1.54 फीसदी थी। इस दौरान ईंधन तथा बिजली की कीमतों की
महंगाई दर 2.27 फीसदी रही, जो अक्टूबर में 2.55 फीसदी थी।
पिछले
हफ्ते जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण
नवंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर
मामूली वृद्धि के साथ रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25 फीसदी से बढ़कर 0.71 फीसदी
पर पहुंच गई।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इस महीने की शुरुआत में
नीतिगत दर रेपो रेट को 0.25 फीसदी घटाकर 5.25 फीसदी कर दिया था।















